आईआईटी के शोधार्थी ने फांसी लगा आत्महत्या की! पुलिस लाश का अंत्यपरीक्षण करा कर रही जांच' निदेशक ने घटना पर दुख जताया, काउंसिलिंग सेंटर को नियमित खोलने की मांग


                          रघुनाथ प्रसाद साहू 
खड़गपुर। आईआईटी खड़गपुर के बी़आर अंबेडकर हास्टल के कमरे से सोमवार बी कोंडल राव नामक आईआईटी के   मेकानिकल इंजीनियरिंग  विभाग के छात्र का झुलता हुआ शव उसके कमरे से बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक कोंडल राव आंध्रप्रदेश के विजयानगरम का रहने वाला था व दो महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। पुलिस आज कमरे से छात्र के शव को बरामद कर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया वहीं पुलिस उसके कमरे को सील कर वहां से एक लैपटाप भी बरामद किया है।मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह से ही छात्र के परिजन लगातार उससे फोन पर बात करने कि कोशिश कर रहे थे लेकिन छात्र फोन रिसिव नही कर रहा था जिसके बाद परिजनों ने फेसबुक के माध्यम से उसके एक साथी छात्र से संपर्क कर फोन रिसीव ना करने वाली बात बताई जिसके बाद वह छात्र अंबेडकर छात्रावास के रुम नंबर 245 में रह रहे अपने साथी के कमरे के बाहर आकर दरवाजा खटखटाया काफी देर तक दरवाजा ना खोलने पर खिड़की से पास जाकर देखा तो कोंडल का झुलता हुआ शव दिखाई दिया। तुरंत पुलिस व आईआईटी के सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी गई जिसके बाद शव को अंत्यपरीक्षण के लिए खड़गपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया। पता चला है कि दो महीने पहले ही छात्र कि शादी हुई थी अब अचानक से उसके उठाए गए इस कदम से उसके सभी जानने वाले सकते में है। साथी छात्रों के मुताबिक कोंडल हास्टल व क्लास में काफी खुशनुमा रहता था उसका किसी के साथ कोई अनबन वाली भी बात नही थी। पुलिस ने बताया कि मृत छात्र के घरवालों से बात हुई है उन्होनें पोस्टमार्टम कराने कि बात कही है वहीं पुलिस लाकडाउन के दौरान विशेष पास उपलब्ध करा उसके घरवालों को आंध्र प्रदेश से आईआईटी बुलाने कि प्रक्रिया शुरु कर दी है इधर पुलिस उसके लैपटाल को भी खंगाल कर किसी तरह का सुसाइड नोट या आत्महत्या कि वजह जानने कि कोशिश कर रही है।आईआईटी के निदेशक ने घटना पर दुख जताया है। खड़गपुर के एसडीपीओ सुकमल कांति दास ने बताया कि लाश को बरामद कर मामले की जांच की जा रही है घरवालों को खबर दी गई है व अंत्यपरीक्षण रिपर्ट के बाद ही पता चल पाएगा आखिर मौत कैसे हुई घटना से आईआईटी परिसर में शोक का वातावरण है व फिर एक बार काउंसिलिंग सेंटर को नियमित करने की मांग उठी है।ज्ञात हो कि 13 हजार विद्यार्थियों में लाकडाउन के कारण अब भी आईआईटी में साढ़े चार हजार विद्यार्थी फंसे हुए हैं।

जीवन के हर पल को जीने की चाह रखने वाला कोंडल ने लगाया मौत को गले 

Live the life every moment” इसे ही जीवन का सत्य मानते थे कोंडल फिर आखिर वह कौन सा पल था और क्या कारण जब कोंडल अपने जीवन लीला समाप्त करने का निर्णय ले लिया बस यही प्रश्न घूमड़ रहे हैं कोंडल के परिजन, दोस्तों व शिक्षकों के बीच इसलिए कुलसचिव प्रो बी.एन सिंह भी कहते हैं बीते लगभग पांच साल से पढ़ाई कर रहा था पढ़ने में भी मेधावी था, अनुशासित सभी से अच्छे संबंध थे उसके रिसर्च पेपर भी प्रकाशित कराया था दो तीन माह पहले शादी की भी खबर है फिर आखिर क्यों ऐसा हुआ। प्रो. सिंह कहते है परिजन कल सुबह आ जाएगी उसके बाद ही बातचीत से शायद कुछ जानकारी मिले। ज्ञात हो कि कोंडल के परिजन विजयानगरम से खड़गपुर के लिए सड़क मार्ग से रवाना हो चुके हैं परिजन ने अंत्यपरीक्षण की अनुमति दी जिसके बाद शव को खड़गपुर महकमा अस्पताल से आईआईटी के प्रो.बी. सी राय अस्पताल में रख दिय गया है। विजयानगरम थाना के  सब इंसपेक्टर भाष्कर राव का कहना है कि ने कोंडल के पिता बीएस भाष्कर राव को खड़गपुर जाने के लिए जरुरी प्रक्रिया कर दी गई है। पता चला है कि 26 की सुबह कोंडल अपने परिवार वालों से बातचीत किया था तब परिवार वालों को उसके परेशानी की कोई भनक नहीं लगी। इतना जरुर है कि कोंडल लाकडाउन में रेस्टूरेंट व घर के खाना को मिस करने की बात कहा था। रोजर फेडरे, माइकल जैक्सन के चाहने वाले कोंडल को हिंदी, अंग्रेजी व तेलुगु के अलावा संस्कृत भाषा का भी ज्ञान था। आईआईटी में तीन प्रोजेक्ट के साथ जुड़े रहने वाले कोंडल के पब्लिकेशन की संख्या 4 जबकि बेहतर काम करने के लिए उसे 6 प्रशस्ति पत्र व सम्मान मिले थे।     

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