कोरोना अपडेट : डर से उबरने की कोशिश में रेल नगरी खड़गपुर ...!!


                             तारकेश कुमार ओझा
जिस शहर को बड़ी आपदाएं भी नहीं डरा सकी , उसे सचमुच कोरोना ने डरा दिया . हालांकि दिल्ली से लौटे आर पी एफ जवानों के  संक्रमित होने के  शुरुआती झटके के  बाद खड़गपुर ने डर से उबरने की  कोशिशें शुरु कर दी है .
इतिहास पर नजर डालें तो लगता है इस शहर को प्रकृति से निर्भयता का  वरदान मिला हुआ है . पिछले कई दशकों में  अनेक आप दाएं आई , लेकिन शहर का  ज्यादा कुछ नहीं बिगड़ा . केवल सत्तर के  दशक में जिले में  आई विनाशकारी बाढ़ का  पानी शहर के  मुहाने तक पहुँचा था . अलबत्ता गोली - बंदूकों से खड़गपुर का  सामना शुरू से होता आया है , आपसी रंजिश में  लाशें भी गिरी , लेकिन यह अल मस्त शहर अपनी चाल चलता रहा . कोरोना का आतंक शुरू होने और लॉक डाउन के  दौरान भी  शहरवासियों का  जोर डर के  बजाय नियमों के  पालन और भूखों को भोजन कराने पर रहा . लेकिन दिल्ली से लौटे  आर पी एफ जवानों के  कोरोना संक्रमित  होने की घटना ने वाकई लोगों में  सिह रन दौड़ा दी . वाकये के बाद एक आरपीएफ जवान के रेल पुल से छलांग लगा कर आत्महत्या की कोशिश को भी कोरोना फोबिया का नतीजा बताया गया .  अलबत्ता क्वांरीटाइन में  रह रहे  56 जवानों की  रिपोर्ट निगेटिव आने से लोगों  को कुछ राहत मिली है . लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में  जवानों का  संगरोध में  रहना आशंका ओं के  अंधेरों को गहरा कर रहा है , लेकिन इसी के  साथ डर से उबरने की  कोशिशें भी जारी है . इसकी झलक सोमवार को जनजीवन में  देखने को मिली , जो दो दिन पहले से बिल्कुल अलग थी . खड़गपुर रेल मंडल के  वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबंधक आदित्य चौधरी ने कहा कि संगरोध में रहे  56 आर पी एफ जवानों की रिपोर्ट निगेटिव आई है , यह राहत की  बात है . घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है .
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 लेखक पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में रहते हैं और वरिष्ट पत्रकार हैं। संपर्कः 9434453934, 9635221463


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