1521 यात्रियों को लेकर हिजली पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन ज्यादातर यात्री वेल्लोर इलाज कराने गए रोगी व उसके परिजन थे बस के लिए इधर उधर भागते नजर आए यात्री, सभी यात्रियों को उसके गंतव्य भेजा गया

                           रघुनाथ प्रसाद साहू
खड़गपुर। तमिलनाडु के वेल्लोर से रोगी उसके परिजनों व मजदूरों को लेकर निकली श्रमिक स्पेशल ट्रेन आज दोपहर लगभग साढ़े तीन  बजे हिजली स्टेशन पहुंची। सभी यात्रियों का स्क्रीन टेस्ट कराया गया व उसके गंतव्यों के लिए रवाना किया गया पश्चिम मेदिनीपुर जिले के कुल सात यात्रियों में लक्षण दिखाई देने पर जांच की जा रही है। ज्ञात हो कि आज ट्रेन हिजली स्टेशन पहुंची तो यात्रियों का स्वागत करने के लिए जिलाशासक रश्मि कमल, जिले के एसपी दीनेश कुमार, खड़गपुर के विधायक प्रदीप सरकार समेत तृणमूल के कई नेता वहां मौजूद थे। ट्रेन जैसे ही हिजली स्टेशन पहुंची इन अधिकारियों ने फुल व चॉकलेट देकर यात्रियों का अभिनंदन किया। लेकिन समस्या तब खड़ी हो गई जब प्रशासन को पता चला कि आने वाले यात्री 5 नहीं बल्कि 21 जिलों के थे।
ज्ञात हो कि खड़गपुर प्रशासन को जानकारी मिली थी कि ट्रेन से आने वाले यात्री पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण चौबीस परगना, हुगली तथा कोलकाता के 1207 यात्री होंगे व उसी के हिसाब से कुल इसी कारण प्रशासन ने उसके हिसाब से ही तैयारी कर रखी थी लेकिन जब पता चला कि यात्री 5 नहीं बल्कि 21 जिले के हैं जिसमें बांकुड़ा सहित अन्य जिले शामिल है तो प्रशासन के सामने सभी को सुचारू रूप से घर पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो गई। वहीं हिजली स्टेशन के बाहर जगह भी कम होने से ज्यादा बसों को खड़ा नहीं किया जा सकता था। इधर यात्रियों को बसों के लिए इधर उधर भागते देखा गया व स्टेशन परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किए जाने का आरोप है।



जिला प्रशासन ने सभी यात्रियों का थर्मल स्क्रीनिंग व रजिस्ट्रेशन करा उन्हें बसों से गंतव्य की ओर पहुंचा दिया। इधर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के कुल 7 लोगों में कोरोना लक्षण देखे जाने पर विद्यासागर इंडस्ट्रिअल पार्क ले जाकर जांच किया गया व दूसरे जिला के यात्रियों को संबंधित जिला स्वास्थय विभाग से संपर्क करने को कह रवाना कर दिया गया।यात्रियों की संख्या बढ़ने के बारे में सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने बताया कि सभी अधिकृत यात्री थे व कुछ यात्री अन्य स्टेशनों से बोर्ड हुए थे ज्यादातर यात्री रोगी व उसके परिजन थे। इस अवसर पर सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी, आऱपीएफ के डीएसी विवेकानंद नारायण व अन्य उपस्थित थे इधर कई यात्रियों ने ट्रेन में पानी व सफाई कम होने का आरोप लगाया तो कई यात्री लगभग पचास दिनों के लाकडाउन के बाद घर वापस जाने के लिए आतुर दिखे।

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