अपने संसदीय क्षेत्र में घुस नहीं पाए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष ईद संसदीय क्षेत्र में मनाने का सपना रहा अधुरा, वापस कोलकाता चले गए दिलीप, कहा लोकतंत्र की हत्या हुई

रघुनाथ प्रसाद साहू
खड़गपुर। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष व मेदिनीपुर के सांसद दिलीप घोष आज पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दौरे में थे वे अपने संसदीय क्षेत्र में लाकडाउन व अंफान तूफान में पीड़ित लोगों से मिलना चाहते थे पर पुलिस के बपाधा के कारण विवश होकर उन्हें वापस कोलकाता चले जाना पड़ा। दिलीप घोष ने पुरी घटना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तृणमूल को डर है कि कहीं मेरे गांवों में जाकर लोगों से मिलने से लोग भाजपा के साथ ना हो जाएं व तृणमूल का धंधा बंद ना हो जाए। उन्होनें बताया कि लॉकडाउन पर सरकारी आदेश का पालन करते हुए वे ज्यादातर घर पर ही बंद थे लेकिन तूफान आने कि वजह से उनके संसदीय इलाकों में भी काफी नुकसान हुआ था जिसका जायजा लेने के लिए वे जिले का दौरा करने निकले थे।
जानकारी के अनुसार सबसे पहले दिलीप घोष पूर्व मेदिनीपुर जिले के एगरा संसदीय क्षेत्र में प्रवेश करना चाहा लेकिन वहां पुलिस के रोके जाने के बाद उन्होंने अपनी गाड़ी राज्य सड़क की ओर मोड़ ली। बाद में फिर नंदकुमार के पास श्रीकृष्णपुर इलाके में उन्होंने प्रवेश करना चाहा तो वहां भी पुलिस ने दोबारा उनकी गाड़ी को रोका। जिसके बाद वहां कुछ हंगामा भी हुआ। दोपहर बाद गाड़ी घुमाकर वे पश्चिम मेदिनीपुर जिले की ओर बढ़े तो वहां भी तीसरी बार डेबरा के पास उनके काफिले को पुलिस कि ओर से रोका गया जिसके बाद वहां दिलीप घोष कि पुलिस से काफी बहस भी हुई कुछ दूर वे पैदल भी चले व आखिरकार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 60 में निजी होटल में कार्यकर्ताओं के सथ मंत्रणा की व वापस कोलकाता चले गए सोमवार को ईद उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में ही मनाना था पर प्रशासनिक बाधा के कारण उसकी यह इच्छा अधूरी रह गई प्रेमचंद झा ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि पुलिस टीएमसी विधायक प्रदीप सरकार के साथ मिलकर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर रही है लेकिन दिलीप घोष के आने से पुलिस भयग्रस्त हो बाधा दिया जिससे उसे वापस कोलकाता जाना पड़ा। 

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