जिंदल शालबनी अस्पताल प्रबंधन से हटेगी, बीपीओ सेवाएं भी बंद होने से 68 लोग होगा बेरोजगार, ग्रामीणों ने कोविड अस्पताल बनाने के खिलाफ किया था प्रदर्शन


खड़गपुर। सालबनी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को जिला प्रशासन द्वारा कोविड अस्पताल में रूपांतरित किए जाने के फैसले के बाद आज स्थानीय गांव वालों ने कुछ प्रश्नों को लेकर अस्पताल के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के मुताबिक गांव वालों का मूल प्रश्न यह था कि अगर शालबनी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को कोविड अस्पताल में बदल दिया जाता है तो फिर गांव के साधारण मरीजों का उपचार कहां किया जाएगा। उन्हें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जैसी सुविधाएं दूसरी जगह कहां मिलेगी। बाद में गांव वालों के प्रदर्शन की खबर मिलने पर पुलिस व प्रशासन वहां पहुंची लोगों को शालबनी ग्रामीण अस्पताल में ही बेहतर चिकित्सा व्यवस्था देने का आश्वासन दिया इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन रोक दिया।इधर जिंदल शालबनी अस्पताल बंधन से हटना चाहती है
इसके अलावा जिंदल बीपीओ भी बंद करने की खबर है जिसस लगभग 68 लोग बेरोजगार होंगे जिसमें ज्यादातर महिलाएं है।

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