शिवसेना के पश्चिम बंगाल प्रदेश उपाध्यक्ष डा. उज्जवल घटक का इस्तीफा मंजूर, महाराष्ट्र में अवसरवादी गठजोड़ व हिंदूत्व से पार्टी की विमुखता को बताया इस्तीफे का कारण

                          
खड़गपुर। शिवसेना के पश्चिम बंगाल प्रदेश उपाध्यक्ष डा. उज्जवल घटक का इस्तीफा शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने मंजूर कर लिया है बीते दिनों घटक ने पार्टी से नाता तोड़ने के लिए इस्तीफा भेजा था। घटक ने इस्तीफा देने का प्रमुख कारण महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना का कांग्रेस व एनसीपी के साथ अवसरवादी गठजोड़ व हिंदूत्व से पार्टी के विमुख होना बताया। घटक ने कहा कि उद्धव ने मेल के माध्यम से उसके इस्तीफा मंजूर होने की सूचना दे दी है जिससे वे काफी राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि उसे लोगों को पार्टी लाइन पर जवाब देना पड़ रहा था। डॉ घटक ने कहा कि वह अपने सैन्य जीवन के बाद से शिवसेना के संस्थापक श्री बालासाहेब ठाकरे जी के प्रशंसक रहे हैं क्योंकि बालासाहेब ठाकरे जी ने हमेशा इस्लामिक आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ  आक्रामक रहे हैं। उन्होने कहा कि आज हर हिंदुस्तानी और दुनिया के सभी देश इस्लामिक आतंकवाद से पीड़ित हैं, और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार पाकिस्तान और इस्लामिक आतंकवाद से निपटने के लिए आजादी के बाद सबसे सफल केंद्रीय सरकार है। इसलिए जब शिवसेना ने एनडीए छोड़ा तब से पार्टी में घुटन महसूस हो रहा था। 16 अप्रैल 20 को जब पालघर की घटना हुई, जिसमें तीन हिंदुओं में दो निर्दोष हिंदू भिक्षुओं की हत्या की गई व पुलिस  निष्क्रिय बनी रही  घटक ने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया। डा. घटक ने कहा कि वर्तमान में शिवसेना की उग्र हिंदुत्व व उग्र राष्ट्रवाद विचारधारा की हत्या हो गई है।
घटक का कहना है कि फिलहाल गैर राजनीतिक संगठन राष्ट्रीय हिंदू सेना से जुड़े हैं व 2013 से आरएसएस के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहे हैं। 14 मई 20 को डा. उज्ज्वल कुमार घटक ने प्रवासी के मुद्दों के बारे में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को पत्र लिखा था व पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों को सहयोग के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का दावा किया है।
 पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर के जन्मस्थान बीरसिंह के पास श्यामसुंदर गांव  में जनमे घटक  डिफेंस स्टडीज़ आफ आंध्र विश्वविद्यालय में बतौर प्रोफेसर कार्यरत है। पूर्व सैनिक घटक कारगिल युद्ध से जुड़े रहे हैं व शिवसेना पार्टी के उम्मीदवार के रूप में घाटाल संसदीय क्षेत्र से 2019 के लोकसभा चुनाव में भाग लिया था हालाँकि घटक को ज्यादा वोट शेयर नहीं मिल पाए लेकिन वह अपने पैतृक जिला पश्चिम मेदिनीपुर के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की है।



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