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See All24,033 जल टंकियों में से 14,248 टंकियों की सफाई का कार्य पूरा, जल की गुणवत्ता में सुधार के लिए की गई पहल
दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकार–क्षेत्र में जल की गुणवत्ता में सुधार के लिए की गई पहल कोलकाता, 20 सितंबर 2026 दक्षिण पूर्व रेलवे के स्टेशनों पर पेयजल तथा अन्य जलापूर्ति व्यवस्थाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं स्वच्छता में सुधार के उद्देश्य से विभिन्न रखरखाव, सफाई, परीक्षण एवं सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। किए गए प्रमुख कार्यों का विवरण निम्नलिखित है:— जारी पहल के तहत सभी सेक्शनों में जल स्रोतों, जल शोधन एवं फिल्ट्रेशन संयंत्रों, भूमिगत एवं ऊपरी जल टंकियों, पीवीसी टंकियों, वाटर बूथ, नलों तथा जल वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। कुल 24,033 जल टंकियों में से 14,248 टंकियों (59.23%) की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। जलापूर्ति संबंधी बुनियादी ढांचे में कमियों को दूर करने के लिए 167 स्थानों की पहचान की गई है, जहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जानी है। 39 स्थानों पर क्षतिग्रस्त जल टंकियों, पाइपलाइनों एवं फिल्टरों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जा रहा है, जबकि 33 स्थानों पर कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, 81 स्थानों पर पाइपलाइनों की मरम्मत/बदलने का कार्य पहले ही किया जा चुका है। जल फिल्ट्रेशन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल 55 प्रेशर/ग्रेविटी फिल्टरों में से 52 फिल्टरों की देखरेख एवं सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। फिल्टरों की गहन सफाई कर उनमें जमा गंदगी एवं अशुद्धियों को हटाया गया तथा आवश्यकता के अनुसार खराब फिल्टर उपकरण/घटकों को बदला गया। फिल्ट्रेशन व्यवस्था के सुचारु संचालन की भी जांच की गई है। दक्षिण पूर्व रेलवे में कुल 63 क्लोरीनेशन संयंत्र उपलब्ध हैं और सभी 63 संयंत्रों की जांच एवं आवश्यक रखरखाव किया जा चुका है। क्लोरीनेशन व्यवस्था तथा संबंधित उपकरणों का निरीक्षण किया गया और जलापूर्ति में उचित एवं पर्याप्त क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार क्लोरीन की मात्रा को नियंत्रित किया गया। वाटर कूलर एवं जल शुद्धिकरण इकाइयों के प्रभावी रखरखाव के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे में व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) लागू है। भंडारण जल टंकियों की निर्धारित रखरखाव एवं सफाई का कार्य मासिक आधार पर किया जा रहा है। फील्ड स्टाफ द्वारा वाटर कूलर, नलों एवं फिटिंग्स से होने वाले रिसाव को रोकने के लिए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा रही है, जिससे पानी की बर्बादी को कम किया जा सके। जल की गुणवत्ता की निगरानी स्वास्थ्य/चिकित्सा विभाग के समन्वय से की जा रही है। निर्धारित दिशा-निर्देशों/प्रोटोकॉल के अनुसार अवशिष्ट क्लोरीन स्तर (RCL) की जांच के लिए कुल 1,561 जल नमूने, बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण के लिए 283 नमूने तथा रासायनिक परीक्षण के लिए 21 नमूने एकत्र किए गए हैं। आपूर्ति किए जा रहे पानी की गुणवत्ता एवं उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए RCL, बैक्टीरियोलॉजिकल एवं रासायनिक मानकों सहित पानी का नियमित भौतिक निरीक्षण एवं परीक्षण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जल स्रोतों, जल शोधन एवं फिल्ट्रेशन संयंत्रों, OH/UG स्टील, RCC एवं PVC जल टंकियों, जलापूर्ति पाइपलाइनों, पाइपिंग प्रणालियों तथा संबंधित उपकरणों का निरंतर निवारक निरीक्षण किया जा रहा है। जल की गुणवत्ता की निगरानी एवं नमूना परीक्षण के साथ-साथ हैंडपंपों और बोरवेल प्रणालियों का भी नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है। समग्र रूप से, दक्षिण पूर्व रेलवे के स्टेशनों पर सुरक्षित एवं MEASURES UNDERTAKEN…
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