





पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में आलू किसानों और मालवाहक वाहन मालिकों ने परिवहन विभाग (आरटीओ) और पुलिस द्वारा लगाए जा रहे भारी जुर्माने के विरोध में सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।



क्या है पूरा मामला?

किसानों और वाहन चालकों का आरोप है कि आलू ले जाने वाले वाहनों पर ओवरलोडिंग के नाम पर 20,000 रुपये से लेकर 45,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, बाजार में आलू की कीमत बेहद कम है (लगभग 2 रुपये प्रति किलो या 100 रुपये प्रति बोरी), ऐसे में परिवहन का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। खर्च बचाने के लिए किसानों को वाहनों में थोड़ा अधिक आलू लादना पड़ता है, लेकिन रास्ते में प्रशासन उन्हें रोककर मनमाना जुर्माना वसूल रहा है।एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि केवल 6 बोरी अतिरिक्त आलू के लिए 12,500 रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। कई वाहन चालकों का कहना है कि उन्होंने बैंक से लोन लेकर गाड़ियां खरीदी हैं, और इतने भारी जुर्माने के कारण उनका गुजारा करना और किश्तें चुकाना असंभव हो गया है।
सड़क जाम और पुलिस का हस्तक्षेप:-
इस कार्रवाई से परेशान होकर जंगलमहल इलाके (एनायतपुर, गुरगुरीपाल, चादरा और कंकावती) के आलू किसानों और गाड़ी मालिकों ने गुरुवार दोपहर मेदिनीपुर से धेड़ुआ होते हुए झाड़ग्राम जाने वाले मुख्य मार्ग को एनायतपुर के पास जाम कर दिया। सड़क पर आलू से लदे वाहनों को खड़ा कर रास्ता रोक दिया गया, जिससे इलाके में भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गुरगुरीपाल थाने की पुलिस को मौके पर आना पड़ा।










