




पश्चिम बंगाल के खड़गपुर २ नंबर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सांकुआ क्षेत्र के सानमोनीनाथपुर गांव में एक निजी औद्योगिक संस्थान पर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय की पट्टा भूमि पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगा है।




मुख्य बिंदु:

आरोपी संस्थान: श्रद्धांजलि प्राइवेट लिमिटेड।
स्थान: सानमोनीनाथपुर गांव, सांकुआ, खड़गपुर।
विवाद: आदिवासियों की करीब डेढ़ एकड़ पट्टा भूमि पर जबरन कब्जा।
परियोजना: प्रस्तावित बैटरी निर्माण फैक्ट्री (लेड/सीसा आधारित)।
पीड़ित परिवार की व्यथा:
गांव के निवासी मंगल मुर्मू ने आरोप लगाया है कि उनकी डेढ़ एकड़ पट्टा भूमि पर उनकी अनुपस्थिति में कब्जा कर लिया गया है। उनके बेटे शंभू मुर्मू ने बताया, “हम काम के सिलसिले में घर से बाहर थे। लंबे समय बाद लौटने पर देखा कि कंपनी ने हमारी जगह पर कब्जा कर लिया है। हम अपनी जमीन वापस पाने के लिए अनुमंडल अधिकारी (SDO) के पास शिकायत दर्ज करा चुके हैं।” मंगल मुर्मू के दूसरे बेटे बनमाली मुर्मू ने भी आरोप लगाया कि श्रद्धांजलि लिमिटेड नाम की कंपनी ने केवल उनकी ही नहीं, बल्कि कई अन्य ग्रामीणों की जमीन पर भी बलपूर्वक कब्जा किया है।
स्थानीय प्रशासन और प्रतिनिधियों का पक्ष:
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि शम्पा कोताल के पति चंडी कोताल ने बताया कि गांव में पट्टा भूमि के साथ-साथ ‘रायत’ (स्वामित्व वाली) भूमि भी मौजूद है। उन्होंने कहा, “जमीन किस प्रकार बेची या हस्तांतरित की गई, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, हमने सुना है कि वहां बैटरी फैक्ट्री और सीसा निर्माण की इकाई लगने वाली है, जिसमें श्रद्धांजलि और मेटालुक सहित तीन कंपनियां शामिल हैं।”
कंपनी का बयान:
जब इस विषय पर औद्योगिक संस्थान के कर्ताधर्ता रियाज फुलारा और साजिद फुलारा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने दावों को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा, “जमीन को औद्योगिक संस्थान के नाम पर दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। फिलहाल इस विषय पर इससे अधिक कुछ कहना संभव नहीं है।”
प्रभावित ग्रामीणों ने अब न्याय के लिए खड़गपुर के महकमा शासक (SDO) का दरवाजा खटखटाया है। वे मांग कर रहे हैं कि उनकी पुश्तैनी पट्टा भूमि उन्हें वापस दिलाई जाए और अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाए।


