





पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच, शनिवार (14 मार्च) को कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड केसरिया रंग में रंगा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहाँ एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और बंगाल के विकास के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार का आह्वान किया।



प्रमुख घोषणाएं और विकास की सौगात:-

राजनीतिक रैली से पहले प्रधानमंत्री ने एक सरकारी कार्यक्रम के माध्यम से पश्चिम बंगाल को ₹18,680 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है, जिसमें खड़गपुर-मोड़ग्राम एक्सप्रेसवे का शिलान्यास प्रमुख है। पीएम ने कहा कि बंगाल का विकास पूरे पूर्वी भारत की प्रगति का द्वार है।
भाषण की मुख्य बातें: ‘परिवर्तन’ का संकल्प:
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत बांग्ला भाषा में की, जिससे मैदान में मौजूद लाखों समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। उनके भाषण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
•जंगलराज का आरोप: पीएम ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन के तहत बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और यहाँ ‘जंगलराज’ व्याप्त है।
•भ्रष्टाचार पर प्रहार: उन्होंने राज्य सरकार पर केंद्रीय योजनाओं के फंड में धांधली करने और ‘सिंडिकेट राज’ चलाने का आरोप लगाया।
•नया नारा: प्रधानमंत्री ने हुंकार भरते हुए कहा, “यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल की अस्मिता और गौरव को पुनर्जीवित करने का चुनाव है।”
•युवाओं और महिलाओं पर ध्यान: मोदी ने वादा किया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश लाकर स्थानीय युवाओं का पलायन रोका जाएगा।
राजनीतिक गलियारों में हलचल:-
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिगेड की इस रैली ने बंगाल में चुनावी सरगर्मी को चरम पर पहुँचा दिया है। इस रैली में उत्तर बंगाल से लेकर सुंदरबन तक के कार्यकर्ता शामिल हुए। मंच को प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर की आकृति में बनाया गया था, जो सांस्कृतिक संदेश देने की एक कोशिश थी।बीजेपी नेतृत्व का दावा है कि इस ऐतिहासिक भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। दूसरी ओर, सत्ताधारी दल ने इस रैली को केवल एक ‘राजनीतिक स्टंट’ करार दिया है।









