




पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी इलाके से मानवता और वन्यजीव प्रेम की एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ जंगल से भटककर आए हाथियों के एक दल का छोटा शावक अचानक एक गहरे कुएं में गिर गया। वन विभाग और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी के चलते करीब 4 घंटे तक चले कठिन बचाव अभियान (Rescue Operation) के बाद नन्हे हाथी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।देर रात गूंजी हाथी की चीखजानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार रात की है जब हाथियों का एक झुंड सालबनी के जंगलों से होते हुए रिहायशी इलाके के पास से गुजर रहा था। अंधेरा और घना कोहरा होने के कारण झुंड के साथ चल रहा एक छोटा बच्चा (हस्तिशावक) खेत में बने एक खुले कुएं में जा गिरा। शावक के गिरते ही उसकी मां और झुंड के अन्य हाथियों ने जोर-जोर से चिंघाड़ना शुरू कर दिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।ग्रामीणों ने दी वन विभाग को सूचनाहाथियों की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थिति को भांपते हुए तुरंत वन विभाग को सूचित किया।




हालांकि, गुस्साई हथिनी अपने बच्चे को बचाने की कोशिश में कुएं के पास ही डटी हुई थी, जिससे बचाव कार्य शुरू करने में काफी चुनौती आ रही थी।जेसीबी की मदद से चला रेस्क्यू ऑपरेशनसूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हुला पार्टी (हाथियों को भगाने वाला दल) मौके पर पहुंची। सबसे पहले सुरक्षा घेरा बनाकर बड़े हाथियों को थोड़ी दूर हटाया गया। इसके बाद एक जेसीबी (JCB) मशीन मंगवाई गई। वन कर्मियों ने जेसीबी की मदद से कुएं के एक तरफ की मिट्टी को खोदकर रास्ता बनाया ताकि बच्चा खुद रेंगकर बाहर निकल सके।4 घंटे बाद मिली सफलताकरीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, नन्हा हाथी उस ढलान वाले रास्ते से सुरक्षित बाहर निकल आया। जैसे ही वह बाहर निकला, वह तेजी से दौड़कर जंगल की ओर अपनी मां के पास चला गया।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक पूरी तरह स्वस्थ है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है।क्षेत्र में खुशी का माहौलबचाव अभियान सफल होने के बाद ग्रामीणों और वन कर्मियों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि वे हाथियों के रास्ते में आने वाले खुले कुओं को ढक कर रखें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।










