





छत्तीसगढ़ में तैनात सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवान देवाशीष सिंह (30) का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके गृह ग्राम देबरा के डिंगल पहुंचा। जवान की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, लेकिन जब तिरंगे में लिपटा उनका कफनबंद शरीर पहुंचा, तो पूरा माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया।



जानकारी के अनुसार, देवाशीष सिंह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के देबरा क्षेत्र के डिंगल गांव के निवासी थे और वर्ष 2019 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे। वह वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कार्यरत थे। परिवार के लिए यह दुखद समाचार इसलिए भी गहरा है क्योंकि दिसंबर माह में उनकी छोटी बेटी का अन्नप्राशन (पहली बार चावल खिलाने की रस्म) समारोह आयोजित होने वाला था। देवाशीष कुछ दिन पहले ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे और उसी समारोह के लिए दोबारा घर आने वाले थे।

पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, देवाशीष को ड्यूटी पर हल्के बुखार के साथ लौटे थे, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। कैंप से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने उनकी मृत्यु का प्राथमिक कारण डेंगू होने की आशंका जताई है।
शनिवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जवान की पत्नी और बड़ी बेटी के क्रंदन से सबकी आंखें नम हो गईं। छोटी बेटी, जिसे अभी होश भी नहीं है, ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया। सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने भारत माता की जय के नारों के साथ वीर जवान को सलामी दी।
पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई और अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से शहीद की पत्नी को आर्थिक सहायता और परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।









