




भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर, भारत की स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने वाली एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू करने जा रहा है। संस्थान देश का पहला स्वदेशी, कम लागत वाला और पोर्टेबल ‘बेडसाइड एमआरआई सिस्टम’ विकसित करेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को संस्थान के एक पूर्व छात्र से मिली 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8.5 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम दान राशि से गति मिली है।




किसने दिया यह दान?
यह बड़ा दान आईआईटी खड़गपुर के 1977 बैच के मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्नातक ज्योति चटर्जी ने दिया है, जो अब कैलिफोर्निया, अमेरिका में स्थित एक सफल इंजीनियर और उद्यमी हैं।

यह दान उन्होंने अपने माता-पिता को श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित किया है। उनके पिता, विश्वनाथ चटर्जी, आईआईटी खड़गपुर के ही मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग विभाग में शिक्षक थे और उनकी माँ का नाम नीलिमा चटर्जी है। ज्योति चटर्जी ने कहा कि वह इस परियोजना के लिए जरूरत पड़ने पर और भी फंड देने को तैयार हैं।
क्या है यह नई MRI तकनीक?
वर्तमान में, एमआरआई (MRI) स्कैनिंग मशीनें बेहद महंगी, भारी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर वाली होती हैं, जिस कारण वे केवल बड़े अस्पतालों तक ही सीमित हैं।
- लक्ष्य: इस परियोजना का लक्ष्य एक “अल्ट्रा-लो-फील्ड” (ultra-low-field) एमआरआई सिस्टम बनाना है।
- पोर्टेबल और कम लागत: यह मशीन आकार में छोटी, हल्की और पोर्टेबल होगी, जिसे आसानी से मरीज के बिस्तर तक (बेडसाइड) ले जाया जा सकेगा।
- AI-सक्षम: यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होगा, जो डॉक्टरों को सटीक और तेज परिणाम देने में मदद करेगा।
- पहुँच: इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्नत मेडिकल इमेजिंग की सुविधा ग्रामीण क्लीनिकों और छोटे स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँच सकेगी, जहाँ अभी इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक, प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने कहा, “यह पहल उन्नत स्वास्थ्य सेवा को आम जनता तक पहुँचाने के हमारे मिशन का प्रतीक है। हम इस तकनीक को हाई-एंड लैब से निकालकर उन लोगों के हाथों में देना चाहते हैं, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।”
परियोजना का अगला कदम
यह परियोजना आईआईटी खड़गपुर और ज्योति चटर्जी के नेतृत्व वाली कैलिफोर्निया स्थित डीप-टेक कंपनी ‘xImaging Inc.’ के बीच एक संयुक्त सहयोग है। दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस 1 मिलियन डॉलर के शुरुआती फंड (सीड फंड) के अलावा, आईआईटी खड़गपुर और xImaging की योजना प्रोटोटाइप के विकास और इसे बाजार में लाने (व्यावसायीकरण) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए संयुक्त रूप से 5 मिलियन डॉलर (लगभग 42.5 करोड़ रुपये) अतिरिक्त जुटाने की है।






