




खड़गपुर नगर पालिका की आज हुई बोर्ड बैठक में शहर की बुनियादी सुविधाओं जैसे प्रकाश, सफाई व्यवस्था और जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। नगर पालिका अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णयों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।




सफाई और कचरा प्रबंधन

अध्यक्ष ने बताया कि शहर में कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। वर्तमान में शहर से प्रतिदिन लगभग 15 से 20 टन कचरा एकत्र किया जा रहा है। इस कचरे को ‘हीराडीह’ और ‘रामस्वरूप’ जैसे निर्धारित स्थानों पर डंप किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सफाई विभाग में कर्मियों की कमी है, क्योंकि कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और नई नियुक्तियों पर सरकारी प्रतिबंध है।
पेयजल की स्थिति
शहर में पानी के रंग को लेकर उठ रहे सवालों पर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि 2018 से पानी के कालेपन की समस्या देखी जा रही थी। हालांकि, विशेषज्ञों और इंजीनियरों द्वारा जांच के बाद पानी को पीने के लिए सुरक्षित पाया गया है। उन्होंने बताया कि पानी की टंकियों की नियमित सफाई (वॉश) की जा रही है, जिससे स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
स्ट्रीट लाइट और वेबेल (Webel) के साथ विवाद
स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर नगर पालिका ने एक कड़ा फैसला लिया है। अध्यक्ष के अनुसार:
पहले शहर में सिमको (Simco) द्वारा लाइटें लगाई गई थीं, जिसके बाद यह काम वेबेल (Webel) को दिया गया।
वेबेल ने शहर में लगभग 14,999 लाइटें लगाईं, जबकि नगर पालिका ने स्वयं 9,201 लाइटें लगवाई हैं।
खराब लाइटों की मरम्मत न होने और वेबेल द्वारा सेवा बंद किए जाने के कारण नगर पालिका ने निर्णय लिया है कि वे अब वेबेल से कोई नई लाइट नहीं लेंगे और न ही उन्हें भुगतान करेंगे।
अब नगर पालिका अपने फंड से सीधे लाइटें खरीदकर प्रत्येक वार्ड में लगवाएगी।
अमृत परियोजना और वित्तीय योजना
नगर पालिका ने विकास कार्यों के लिए 7 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि, केंद्र की ‘अमृत परियोजना’ (AMRUT Scheme) के अंतर्गत फंड उपलब्ध होने के कारण, बोर्ड को इसी परियोजना के तहत विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
राजनीतिक हलचल और विपक्ष का रुख
बैठक में राजनीतिक गहमागहमी भी देखने को मिली:
विपक्ष के पार्षदों (सीपीएम, कांग्रेस और भाजपा) ने बोर्ड के कुछ निर्णयों पर सहमति जताई और हस्ताक्षर किए।
हालांकि, वार्ड नंबर 16 के पार्षद अभिषेक ने बोर्ड के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और बैठक छोड़कर चले गए।
भाजपा विधायक व पार्षद हिरण ने मेल से अपनी अनुपस्थिति की बात कही थी वह बोर्डबठक में हुए फैसले पर अपनी सहमति की बात कही थी।
नगर पालिका अध्यक्ष ने टीएमसी नेता देवाशीष चौधरी के इस्तीफे की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे सभी पार्षदों के साथ मिलकर शहर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विपक्षी दल के नेता व पार्षद मधु कामी ने बताया कि कुल तीन पार्षद बैठक में अनुपस्थित थे जिसमें से नमिता चौधरी पहले से ही शहर से बाहर है राजू गुप्ता ने चिट्ठी लखकर बोर्ड निर्णय पर सहमति जताया था। जबकि हिरण ने अपना सहमति पत्र नगर उन्नयन विभाग को भेजा है। क्ष उपस्थित पार्षदों में भाजपा के अभिषेक अग्रवाल ने हस्ताक्षर नहीं किया जबकि बाकी सभी दलों के सभी पार्षदों ने शो कॉज जवाब पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति दे दी है।










