खड़गपुर नगरपालिका बोर्ड भंग, एसडीओ को कार्यभार
पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए खड़गपुर नगर पालिका के निर्वाचित बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह आदेश 21 जनवरी 2026 को कोलकाता से जारी किया गया, जिसने शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
प्रमुख बदलाव और नियुक्तियाँ:
राज्य सरकार के निर्देशानुसार, पश्चिम बंगाल नगर पालिका अधिनियम 1993 की धारा 431 के तहत ‘बोर्ड ऑफ काउंसिलर्स’ को विलुप्त कर दिया गया है। बोर्ड के भंग होने से उत्पन्न प्रशासनिक शून्यता को भरने के लिए राज्यपाल की अनुमति से खड़गपुर के उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDO) को नया प्रशासक नियुक्त किया गया है।
नगर पालिका संचालन की सभी शक्तियां अब निर्वाचित प्रतिनिधियों के बजाय प्रशासक के पास होंगी। यह व्यवस्था आगामी छह महीने तक या नए बोर्ड के गठन होने तक प्रभावी रहेगी।
सरकार का पक्ष:
राज्य सरकार का दावा है कि यह निर्णय जनहित में लिया गया है ताकि नागरिक सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। पिछले कुछ समय से नगर पालिका में विकास कार्यों और सेवाओं को लेकर काफी शिकायतें थी, जिसे देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
राजनीतिक हलचल:
इस अचानक हुए बदलाव के बाद राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बोर्ड को भंग करने की नौबत क्यों आई और नए चुनाव कब आयोजित किए जाएंगे।