




खड़गपुर: हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद खड़गपुर नगर पालिका की चेयरमैन कभी भी पदभार ग्रहण कर सकती हैं। खड़गपुर के एसडीओ सुरभि सिंगला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चेयरमैन के पदभार ग्रहण को लेकर अब कोई संशय नहीं है। यदि वे चाहें तो शुक्रवार को भी मिलकर पदभार संभाल सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पार्षद पहले की तरह अपना कार्य जारी रख सकते हैं।
एसडीओ ने बताया कि याचिकाकर्ता पार्षद न्यायालय की जजमेंट कॉपी लेकर उनसे मिले थे। हालांकि न्यायालय की आधिकारिक प्रति अभी उनके पास नहीं पहुंची है, लेकिन याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई कॉपी का अवलोकन किया जाएगा और न्यायालय के आदेशानुसार ही आगे की कार्रवाई होगी।




ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा खड़गपुर नगर पालिका बोर्ड को भंग किए जाने के विरोध में छह पार्षदों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जजमेंट कॉपी मिलने के बाद कांग्रेस के चार पार्षदों के साथ भाजपा की ममता दास और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जयदीप बोस एसडीओ से मिलने पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस कार्यालय में प्रेस सम्मेलन आयोजित किया गया।
पार्षद पारामिता घोष ने हाईकोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि बोर्ड भंग करने के निर्णय को रद्द कर दिया गया है और अब सभी लोग पहले की तरह कार्य कर सकेंगे।

विपक्षी दल के नेता मधु कामी ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से अपने पार्षदों का अपमान किया गया, वह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि यदि वे टीएमसी पार्षदों की जगह होते तो इस्तीफा दे देते।
कांग्रेस नेता अमल दास ने कहा कि बोर्ड को असंवैधानिक तरीके से भंग किया गया था, जो लोकतंत्र के विरुद्ध है। जिला अध्यक्ष देबाशीष घोष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनहित में कार्य कर रही है, न कि किसी विशेष बोर्ड के समर्थन में। उन्होंने कहा कि बोर्ड भंग होने से आम लोगों को परेशानी हो रही थी, जिसका समाधान अब कोर्ट के फैसले से होगा।
वहीं, कल्याणी घोष ने कहा कि वे पार्टी के निर्देश के बाद ही चेयरमैन का पदभार ग्रहण करेंगी। भाजपा पार्षद ममता दास ने भी कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान फिर से सुचारू रूप से हो सकेगा।
हैंडओवर टेकओवर को लेकर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी व अभिषेक बनर्जी उनके नेता हैं, न्यायालय का आदेश आज ही उन लोगों को मिला है। नेतृत्व की ओर से जो आदेश आएगा उनका वे सभी लोग पालन करेंगे।








