





पश्चिम बंगाल के खड़गपुर शहर के प्रसिद्ध गोल बाजार इलाके में शनिवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक पुरानी दुकान में शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।



घटना का विवरण:-

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग शनिवार रात करीब 8:00 बजे रेलवे के बिजली खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। वहां से निकली चिंगारी पास की एक पूजा सामग्री की दुकान (निर्मल कुमार जैन की दुकान) की छत पर जा गिरी, जिससे छत पर बिछे प्लास्टिक और डामर ने तुरंत आग पकड़ ली।सूचना मिलते ही स्थानीय व्यापारी और निवासी मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू की। बाद में दमकल की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
भारी आर्थिक नुकसान:-
इस अग्निकांड में मुख्य रूप से तीन दुकानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिनमें पूजा सामग्री और किताबों की दुकानें (जैसे छात्र पुस्तक भवन) शामिल हैं। व्यापारियों के अनुसार:निर्मल कुमार जैन: इनकी दुकान में करीब 1 से 1.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।वरुण कुमार जैन: इनकी किताबों की दुकान में रखा लाखों का स्टॉक जलकर या पानी से खराब हो गया है। उन्होंने लगभग 12 से 14 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।
रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप:-
घटना के बाद व्यापारियों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ भारी रोष देखा गया। व्यापारियों का आरोप है कि गोल बाजार की ये दुकानें 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं, लेकिन रेलवे न तो इन्हें पक्का निर्माण (कंक्रीट ढलाई) करने की अनुमति देता है और न ही खुद मरम्मत करवाता है।
व्यापारियों ने निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए:
1.जर्जर व्यवस्था: बिजली की वायरिंग और खंभे अत्यंत पुरानी हालत में हैं, जिससे आए दिन शॉर्ट सर्किट का खतरा बना रहता है।
2.भ्रष्टाचार के आरोप: व्यापारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से रेलवे को किराया देते हैं। इसके बावजूद, अगर कोई अपनी दुकान की जर्जर छत या टीन बदलना चाहता है, तो आरपीएफ (RPF) और आईओडब्ल्यू (IOW) के अधिकारी काम रोक देते हैं और कथित तौर पर अवैध रूप से पैसों की मांग करते हैं।
3.निर्माण पर रोक: व्यापारियों ने कहा कि रेलवे न तो खुद सुरक्षा इंतजाम करता है और न ही उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए स्थाई निर्माण की अनुमति देता है।
प्रशासन से मांग:-
स्थानीय व्यापारी संघ और पीड़ित दुकानदारों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन इस पुरानी बिजली व्यवस्था को तुरंत सुधारे और व्यापारियों को अपनी दुकानों की मरम्मत करने की अनुमति दी जाए। सौभाग्य से इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।







