





भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने खड़गपुर के तालबगीचा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों के लिए स्थानीय टीएमसी नेतृत्व और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया।



विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप:-

घोष ने अपने संबोधन में कहा कि एक विधायक के पास इतने संसाधन नहीं होते कि वह अकेले बड़े मैदान या बुनियादी ढांचे का निर्माण कर सके, फिर भी उन्होंने जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए 8 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की थी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के “स्पीड ब्रेकर” नेताओं ने इस काम को जानबूझकर रोका। उन्होंने पूर्व चेयरमैन प्रदीप सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्हें “स्पीड ब्रेकर चेयरमैन” बताया और कहा कि उनका एकमात्र काम विकास कार्यों में अड़ंगा लगाना था।
“बाहरी” होने के मुद्दे पर जवाब:-
विरोधियों द्वारा उन्हें “बाहरी” कहे जाने पर पलटवार करते हुए घोष ने कहा कि खड़गपुर का 90% हिस्सा उन लोगों से बना है जो बाहर से आकर यहाँ बसे हैं और जिन्होंने यहाँ की संस्कृति और अर्थव्यवस्था को गढ़ा है। उन्होंने टीएमसी पर पुलिस और गुंडों के दम पर नगर पालिका बोर्ड पर कब्जा करने और जनता के पैसों की लूट खसोट का आरोप लगाया।
आगामी चुनाव और लक्ष्य:-
दिलीप घोष ने आगामी चुनावों को पश्चिम बंगाल में “परिवर्तन का चुनाव” करार दिया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस बार भाजपा को रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाएं। उनके मुख्य लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
•गुंडाराज और माफिया राज का अंत: क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बहाल करना।
•बुनियादी ढांचा: सड़कों की मरम्मत और पीने के पानी की उचित व्यवस्था।
•ऐतिहासिक जीत: उन्होंने खड़गपुर की जनता से आह्वान किया कि वे भाजपा को 1 लाख से अधिक वोट दिलाकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित करें।
उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी अधिकारी या नेता जनता को परेशान करेगा या खड़गपुर की शांति भंग करेगा, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अखाड़ा प्रशिक्षण शिविर में लिया हिस्सा

दिलीप शाम में धोबी घाट श्याम मंदिर में आयोजित अखाड़ा प्रशिक्षण शिविर में लिया हिस्सा व लाठी चलाया। प्रशिक्षण शिविर में युवतियों ने भी लाठियां चलाई।






