निर्वाचन आयोग ने की 17 नई पहलों की घोषणा, सभी बूथों पर होगा वेब कास्टिंग, EVM पर होगी प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीरें

October 6, 2025 2:16 PM

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, भारत के निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में 17 नई पहलों की घोषणा की है। ये सुधार न केवल बिहार में लागू होंगे, बल्कि भविष्य में पूरे देश के चुनावों के लिए एक मिसाल कायम करेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार जी ने बिहार की धरती से इन ऐतिहासिक सुधारों का ऐलान किया।

मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर:

आयोग ने हाल ही में बिहार में संपन्न हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision) की सफलता के लिए बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की सराहना की। मुख्य आयुक्त ने कहा कि बिहार के 90,727 बीएलओ ने देश के लिए एक अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

चुनाव प्रक्रिया में प्रमुख सुधार:

चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

100% वेबकास्टिंग: अब बिहार के सभी 90,000 पोलिंग बूथों पर 100% वेबकास्टिंग की जाएगी, जो पहले केवल 50% बूथों तक सीमित थी।

EVM पर रंगीन तस्वीरें: मतदाताओं की सुविधा के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर उम्मीदवारों की ब्लैक एंड व्हाइट की जगह रंगीन तस्वीरें लगाई जाएंगी।

VVPAT का पूर्ण मिलान: फॉर्म 17C और EVM की गिनती में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर VVPAT की पर्चियों की पूरी गिनती अनिवार्य होगी।

मतदाता केंद्र पर कम भीड़: किसी भी मतदान केंद्र पर अब 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे, ताकि लंबी कतारों से बचा जा सके।

मोबाइल जमा करने की सुविधा: मतदाता अब पोलिंग बूथ के ठीक बाहर अपना मोबाइल जमा कर सकेंगे और वोट डालने के तुरंत बाद उसे वापस ले सकेंगे।

त्वरित वोटर कार्ड: अब मतदाताओं को 15 दिनों के भीतर उनका वोटर कार्ड मिल जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ECI नेट’: लगभग 40 अलग-अलग एप्लीकेशंस को मिलाकर एक ‘वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म’ बनाया गया है, जिससे मतदाताओं और अन्य हितधारकों को सुविधा होगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य अंश और सवालों के जवाब:

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी, चुनाव खर्च और अन्य मुद्दों पर तीखे सवाल किए, जिनका आयोग ने विस्तार से जवाब दिया।

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर आरोप: मतदाता सूची से कुछ वर्गों को जानबूझकर बाहर करने के आरोपों पर आयोग ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है। किसी भी योग्य मतदाता के पास अभी भी नॉमिनेशन के आखिरी दिन से 10 दिन पहले तक अपना नाम जुड़वाने का अवसर है।

आधार कार्ड और नागरिकता: आयोग ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, आधार कार्ड पहचान का प्रमाण है, लेकिन नागरिकता, जन्मतिथि या निवास का प्रमाण नहीं है। मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए नागरिकता पहली शर्त है।

चुनाव खर्च की निगरानी: उम्मीदवारों के खर्च की सीमा पर आयोग ने कहा कि इसे सख्ती से मॉनिटर करने के लिए हर जिले में एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं।

आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार: आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों के लिए नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और उन्हें अपने रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।

एक चरण में चुनाव की मांग: कुछ राजनीतिक दलों द्वारा एक चरण में चुनाव कराने की मांग पर आयोग ने कहा कि सभी दलों की बातें सुनी गई हैं और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

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