खड़गपुर नगरपालिका बोर्ड को भंग करने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका, अगली सुनवाई बुधवार को

January 30, 2026 2:15 PM

खड़गपुर नगर पालिका में चल रही राजनीतिक उठापटक अब कानूनी गलियारों तक पहुँच गई है। राज्य के नगर विकास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा खड़गपुर नगरपालिका बोर्ड को भंग करने के निर्णय को चुनौती देते हुए विपक्षी पार्षदों ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामला दर्ज कराया है।

मुख्य घटनाक्रम
राज्य सरकार ने 21 जनवरी को एक आदेश जारी कर खड़गपुर नगरपालिका बोर्ड को बर्खास्त कर दिया था। विभाग का तर्क है कि बोर्ड नागरिक सेवाएं प्रदान करने में पूरी तरह विफल रहा है। इस आदेश के बाद, खड़गपुर की अनुमंडल अधिकारी (SDM) सुरभि सिंगला को नगरपालिका का नया प्रशासक नियुक्त किया गया है, जिन्होंने 27 जनवरी को अपना कार्यभार संभाल लिया।

विपक्षी दलों का रुख
राज्य सरकार के इस कदम के खिलाफ भाजपा, कांग्रेस और माकपा (CPM) के पार्षदों ने एकजुट होकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वरिष्ठ अधिवक्ता बिश्वदल भट्टाचार्य विपक्ष की ओर से इस मामले की पैरवी कर रहे हैं। विपक्ष के मुख्य तर्क इस प्रकार हैं:
असफलता का बोझ विपक्ष पर क्यों?: पार्षदों का कहना है कि नगरपालिका बोर्ड का संचालन तृणमूल कांग्रेस के हाथ में था। यदि बोर्ड विफल रहा, तो इसकी जिम्मेदारी निर्वाचित विपक्षी पार्षदों पर क्यों थोपी जा रही है और उनके अधिकार क्यों छीने जा रहे हैं?
अधूरी प्रक्रिया: विपक्षी खेमे का आरोप है कि बोर्ड को भंग करने से पहले जो ‘कारण बताओ’ (Showcause) नोटिस जारी किया गया था, उसका जवाब देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी। तत्कालीन चेयरपर्सन कल्याणी घोष को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि शिकायतकर्ता कौन थे।

कोर्ट की कार्यवाही
28 जनवरी को यह मामला न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की अदालत में सुनवाई के लिए आया। सरकारी अधिवक्ताओं ने मामले से जुड़े दस्तावेज जुटाने के लिए अदालत से समय मांगा। अदालत ने सरकारी पक्ष को 7 दिनों का समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 4 फरवरी तय की है।

“बोर्ड को भंग करना एकतरफा निर्णय है। नए बोर्ड के गठन के लिए कोई समय नहीं दिया गया, जिससे शहर की सामान्य जनता को नागरिक सेवाएं मिलने में कठिनाई होगी।” — पूर्व विपक्षी पार्षद  का बयान
वर्तमान में शहर के राजनीतिक हलकों की निगाहें हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो खड़गपुर के स्थानीय प्रशासन का भविष्य तय करेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment