





पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अभी से तेज होने लगी हैं। राजनीतिक दलों ने जनता को लुभाने के लिए नए-नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संभावित प्रत्याशी का एक अनोखा अंदाज सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।



चुनाव प्रचार के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम काफिले और महंगी गाड़ियों को छोड़कर, टीएमसी नेता साइकिल पर सवार होकर गांव-गांव घूम रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और सादगी का संदेश देना है।

साइकिल ही क्यों?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रत्याशी का मानना है कि साइकिल के जरिए वे उन तंग गलियों और सुदूर इलाकों तक आसानी से पहुँच पा रहे हैं, जहाँ बड़ी गाड़ियाँ नहीं जा सकतीं। साइकिल पर चलते हुए वे रास्ते में रुककर किसानों, दुकानदारों और राहगीरों से आत्मीयता के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस अभियान को “जनसंपर्क” को मजबूत करने की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, इसे ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के रूप में भी पेश किया जा रहा है।
जनता के बीच चर्चा:-
नारायणगढ़ की जनता के बीच इस सादगी भरे प्रचार की काफी सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े नेताओं से मिलना अक्सर मुश्किल होता है, लेकिन जब कोई प्रत्याशी खुद साइकिल चलाकर उनके घर तक आता है, तो वे अपनी समस्याएं बेझिझक साझा कर पाते हैं।
हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे ‘चुनावी स्टंट’ करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि जनता अब केवल दिखावे से नहीं, बल्कि काम के आधार पर वोट देगी।







