





पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित काँथी (Kanthi) की एक अदालत ने 15 साल पहले हुई एक हत्या के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। यह मामला जमीन विवाद से शुरू हुए झगड़े का है, जिसने अंततः एक बुजुर्ग की जान ले ली थी।



क्या है पूरा मामला?

घटना सितंबर 2010 की है, जो काँथी 3 ब्लॉक के धान्दालीबाड़ गाँव में घटी थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कनाई बारिक (उर्फ कानू) और उसके पड़ोसी तापस राय के बीच लंबे समय से घर की सीमा वाली जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
विवाद के दिन, कनाई बारिक ने लोहे के सब्बल (Crowbar) से तापस पर हमला करने की कोशिश की। अपने बेटे को बचाने के लिए तापस के पिता, 55 वर्षीय सुरेश राय बीच में आ गए। हमले में सुरेश राय और तापस दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान हुई थी मौत:-
घायलों को पहले स्थानीय काँथी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें कोलकाता के पीजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। 13 सितंबर 2010 को इलाज के दौरान सुरेश राय ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने कनाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
9 साल तक फरार रहा आरोपी:-
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कनाई बारिक मौके से फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, वह करीब 9 साल तक कानून की गिरफ्त से बाहर रहा। आखिरकार, पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और तब से वह न्यायिक हिरासत में था।
अदालत का फैसला:-
सोमवार को काँथी अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक सेकंड कोर्ट) नूरुज्जमां अली ने इस मामले में सुनवाई पूरी की। सरकारी वकील इकबाल हुसैन ने बताया कि कुल 10 गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने कनाई बारिक को दोषी पाया है। अदालत मंगलवार को सजा की अवधि की घोषणा करेगी।






