पूर्व मेदिनीपुर में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की सर्वदलीय बैठक; संवेदनशील बूथों का किया दौरा

April 6, 2026 5:28 AM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने पूर्व मेदिनीपुर जिले में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। रविवार को CEO ने तमलुक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक की।

सर्वदलीय बैठक में सुरक्षा पर चर्चा:

जिला प्रशासनिक भवन में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी निरंजन कुमार और पुलिस अधीक्षक अंशुमान साहा सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC), भाजपा, कांग्रेस और माकपा (CPIM) के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे उठाए। राजनीतिक दलों ने नाका चेकिंग को और सख्त करने, मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने और पोलिंग एजेंटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों पर CEO ने स्पष्ट किया कि 6 अप्रैल की रात 12 बजे तक की अंतिम सूची में शामिल लोग ही मतदान कर सकेंगे।

नंदीग्राम के संवेदनशील इलाकों का दौरा:

बैठक के बाद CEO ने जिला मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर जिले के कई संवेदनशील मतदान केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। वे नंदीग्राम के सरस्वती बाजार, चिल्लाग्राम, बंकिम मोड़ और केंदामारी जैसे इलाकों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं से बातचीत की और उनसे पूछा कि क्या वे किसी भी प्रकार के भय या आतंक के साये में हैं।

मतदाताओं को दिया सुरक्षा का भरोसा:

निरीक्षण के दौरान चिल्लाग्राम और बंकिम मोड़ के कुछ निवासियों ने 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा की यादें साझा कीं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि इस बार किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिया कि वे चुनाव के बाद की हिंसा से जुड़े पुराने मामलों पर भी कड़ी नजर रखें।

देर शाम तक CEO ने पोटाशपुर और मयना के बकचा इलाके का भी दौरा किया और ग्रामीणों से निडर होकर वोट डालने की अपील की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। हमने मतदाताओं से बात की है और उन्हें भरोसा दिलाया है कि यदि कोई समस्या आती है, तो वे तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।”

जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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