





ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘सगे भाई-बहन’ के समान बताया।



घुसपैठ के मुद्दे पर ममता को घेरा:

ओवैसी ने साल 2005 की एक घटना को याद दिलाते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने खुद संसद में डिप्टी स्पीकर के सामने फाइलें फेंकी थीं और बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा उठाया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो बात ममता ने 2005 में कही थी, वही बात 2014 से मोदी और अमित शाह कह रहे हैं। ओवैसी के अनुसार, इन दोनों नेताओं की विचारधारा में कोई अंतर नहीं है।
मुस्लिम नेतृत्व को दबाने का आरोप:
एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि ममता और मोदी के बीच एक ‘सेटिंग’ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ये दोनों कभी नहीं चाहते कि बंगाल के गरीबों, मजलूमों और विशेषकर मुस्लिम अल्पसंख्यकों का अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व खड़ा हो। ओवैसी ने टीएमसी से सवाल किया कि बंगाल में बीजेपी के विधायक 4 से 77 कैसे हो गए और उनके सांसदों की संख्या इतनी कैसे बढ़ गई?
“न ममता से दबेंगे, न मोदी से डरेंगे”
जनता में जोश भरते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी लड़ाई हिस्सेदारी और हक की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी हिंदू भाई के खिलाफ नहीं हैं। ओवैसी ने कहा, “अब हम ममता के सामने सर नहीं झुकाएंगे और न ही मोदी से डरेंगे। हम सिर्फ अल्लाह से डरने वाले हैं।”
सीटी बजाकर विरोध करने की अपील:
ओवैसी ने मुर्शिदाबाद की जनता से आह्वान किया कि आगामी 23 तारीख को होने वाले मतदान में वे ममता की ‘गुलामी’ और मोदी के ‘खौफ’ से आजाद होने के लिए वोट डालें। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे भारी संख्या में जुटें और विरोध स्वरूप ‘सीटी’ (पार्टी का चुनाव चिन्ह) बजाएं।






