मेदिनीपुर की शिक्षिका तनुश्री दास को ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025’

August 26, 2025 4:00 AM

खड़गपुर ग्रामीण क्षेत्र के हिजली नजदीक स्थित कूचलाचाटी प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी शिक्षक तनुश्री दास को ’राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025’ दिया जाएगा। यह सम्मान 5 सितंबर, 2025 को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर, दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार में रजत पदक के साथ ₹50,000 नकद राशि शामिल है।

पूरे देश में इस वर्ष कुल 45 शिक्षकों/शिक्षिकाओं को यह पुरस्कार मिलेगा, जिसमें तनुश्री दास समेत दो बंगाली शिक्षिकाओं का चयन हुआ है। दूसरी शिक्षिका हैं – न्यूटाउन के दिल्ली पब्लिक स्कूल की मधुरिमा आचार्य।

तनुश्री दास ने इस खुशी की खबर स्कूल में रहते ही पाते हुए कहा कि, “मैं बहुत खुश हूं। यह सफलता मेरी टीम की मेहनत का परिणाम है — मेरे छात्र-छात्राएं, सहकर्मी और गांव वाले सभी का योगदान रहा है। हमारी स्कूल दूरदराज इलाके में है, फिर भी हम इसे आगे बढ़ाने में सफल रहे। यह पुरस्कार मैं उन्हीं को समर्पित करना चाहती हूं।”

उनके विद्यालय में कई अनूठी पहलें की गई हैं — छात्रों द्वारा संचालित एक छोटा ‘बच्चों का बैंक’, ‘हॉस्पिटल’, एक ऑडिटोरियम और स्मार्ट क्लासरूम समेत “शिक्षण-शैक्षणिक सामग्री” (TLM) छात्रों ने स्वयं निर्मित की है।

कुछ महीनों पहले, स्कूल ने “समग्र शिक्षा मिशन” प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह विरोधी संदेश पर बनाए गए एक शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में भी स्कूल के छात्र प्रथम रहे हैं — और इस सफलता के पीछे भी तनुश्री दास की प्रेरणा अहम रही है।

तनुश्री दास पिछले 26 वर्षों से शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं — 1999 से शिक्षक और 2016 से कूचलाचाटी विद्यालय की प्रभारी शिक्षक। उन्होंने 2020 में “शिक्षरत्न” सम्मान भी प्राप्त किया। इसी वर्ष स्कूल ने केंद्रीय सरकार द्वारा “स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार” (2022) और राज्य सरकार द्वारा “निर्मल विद्यालय पुरस्कार” (2023) से भी सम्मानित हुआ था।

विद्यालय में लगभग 175 विद्यार्थी पढ़ते हैं और छह शिक्षक-शिक्षिकाएँ कार्यरत हैं। तनुश्री दास ने 2020 में प्राप्त “शिक्षरत्न” के साथ मिले ₹25,000 को भी स्कूल विकास के लिए ही समर्पित कर दिया था। इस बार मिलने वाली ₹50,000 की राशि को भी वह सहकर्मियों, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से स्कूल में सुधार के लिए खर्च करेंगी। उन्होंने पदक को अपने दिल में संजोकर रखेंगी।

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