





NEET (UG) 2026 की 21 जून को होने वाली री-एग्जाम से पहले परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कड़ा कदम उठाया है। सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के हित में 30 जून 2026 तक भारत में मैसेज-एडिटिंग फीचर को डिसेबल करने का निर्देश जारी किया गया है।



क्यों लिया गया यह फैसला?

जांच एजेंसियों ने पाया कि चीटिंग रैकेट राष्ट्रीय परीक्षाओं में “पेपर लीक” के फर्जी सबूत बनाने के लिए इस फीचर का दुरुपयोग कर रहे थे। चैनल एडमिन पुराने, हानिरहित मैसेज को एडिट करके परीक्षा के बाद असली प्रश्नपत्र डाल देते थे। फिर उसी चैट को इस दावे के साथ फैलाया जाता था कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। टाइम स्टैम्प पुराना रहने से यह झूठा सबूत विश्वसनीय लगता था।
टेलीग्राम चैनलों पर बड़ी कार्रवाई
I4C ने बिहार, गुजरात और राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर बड़ी संख्या में ऐसे टेलीग्राम चैनल, ग्रुप और बॉट्स को टेक-डाउन किया है जो खुलेआम “PAPER LEAKED NEET”, “Re-NEET 2026”, “Private Mafia” जैसे नामों से चल रहे थे। ये चैनल छात्रों और परिवारों से री-एग्जाम पेपर के नाम पर हजारों से लाखों रुपये की मांग कर रहे थे। NTA ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से बाहर ऐसा कोई पेपर उपलब्ध नहीं है – यह वादा हर मामले में धोखा है।
अहमदाबाद में गिरफ्तारी, 1.5 करोड़ का लेन-देन
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक अंतर-राज्यीय साइबर-फ्रॉड गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग 8 टेलीग्राम चैनल चला रहा था। जांच में फर्जी बैंक खातों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये के लेन-देन और एक महीने में लगभग एक हजार मोबाइल नंबरों से संपर्क का खुलासा हुआ है।
आम यूजर्स पर असर
NTA ने माना कि यह प्रतिबंध लाखों नागरिकों को प्रभावित करेगा जो व्यक्तिगत, शैक्षिक और पेशेवर कामों के लिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि यह रोक सिर्फ 22 जून 2026 तक है – यानी परीक्षा के अगले दिन तक। मैसेज-एडिटिंग पर रोक 30 जून तक रहेगी, लेकिन नए मैसेज भेजने-पाने पर कोई असर नहीं होगा।
NTA की अपील
NEET (UG) 2026 री-एग्जाम 21 जून को ही होगी। NTA ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित है। छात्रों से अपील है कि वे सिर्फ http://neet.nta.nic.in वेबसाइट और NTA के वेरिफाइड हैंडल पर ही भरोसा करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।






