220 करोड़ की ‘अमृत’ परियोजना से बदलेगी शहर की सूरत, गंदे पानी की समस्या से मिलेगी मुक्ति

February 10, 2026 2:37 PM

खड़गपुर शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से गंदे और काले पानी की आपूर्ति से जूझ रहे शहर के लोगों को अब जल्द ही इस समस्या से स्थायी राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी ‘अमृत’ (AMRUT) परियोजना के तहत शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए लगभग 220 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका काम अगले सप्ताह से शुरू होने जा रहा है।

गंदे पानी से परेशान थे लोग

शहर के वार्ड नंबर 6, 7, 8, 9, 17 और 19 के निवासी लंबे समय से नगर पालिका द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर रहे थे। स्थिति इतनी खराब थी कि बीमारी के डर से लोग नल का पानी पीने से कतराते थे और उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा था। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष के पार्षदों में भी काफी आक्रोश था।

अगले सप्ताह से शुरू होगा काम

गुरुवार को खड़गपुर नगर पालिका में राज्य के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) और म्युनिसिपल इंजीनियरिंग डायरेक्टरेट (MED) के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले सप्ताह से, विशेष रूप से 3 दिसंबर से, परियोजना का जमीनी काम शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में मिट्टी परीक्षण और जल जलाशयों के लिए सीमा दीवार (Boundary Wall) बनाने का काम होगा।

परियोजना का विवरण और बजट

अमृत परियोजना का कार्य खड़गपुर में दो चरणों में पूरा किया जाएगा:

  • पहला चरण: इसके लिए 135.65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 120 करोड़ रुपये के कार्यों का टेंडर हो चुका है। पहले चरण में खड़गपुर ग्रामीण के केशपाल में कंसावती नदी के तट पर एक जेटी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (जल शोधन संयंत्र) बनाया जाएगा। साथ ही 24 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
  • दूसरा चरण: इसके लिए 85.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद, इस राशि से घर-घर नल कनेक्शन (House-to-house connection) पहुंचाने का काम किया जाएगा।

शहर में बनेंगे 11 नए जलाशय (Water Reservoirs)

जल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में 11 नए ओवरहेड जलाशय और 3 भूमिगत जलाशय बनाए जाएंगे। नए बनने वाले प्रमुख जलाशय इस प्रकार हैं:

  • वार्ड 23 (इंदा): दो जलाशय (क्षमता: 1150 और 500 क्यूबिक मीटर)
  • वार्ड 5 (देबलपुर): 600 क्यूबिक मीटर
  • वार्ड 6 (ठाकुरपल्ली): 1100 क्यूबिक मीटर
  • वार्ड 8 (राजग्राम): 1150 क्यूबिक मीटर
  • वार्ड 10 (खिदिरपुर): 1000 क्यूबिक मीटर
  • वार्ड 14 (मालंच): 450 क्यूबिक मीटर
  • वार्ड 32 (टेंगरा हाट): 250 क्यूबिक मीटर
  • वार्ड 34 (हिजली को-ऑपरेटिव): 1150 क्यूबिक मीटर
  • वार्ड 28 (महकमा अस्पताल परिसर): 1150 क्यूबिक मीटर
  • मीरपुर (वार्ड 25 और बलरामपुर संगम): 1600 क्यूबिक मीटर

अधिकारियों का बयान

नगर पालिका की ‘चेयरमैन इन काउंसिल’ कल्याणी घोष ने बताया, “इस पूरी परियोजना का जिम्मा राज्य म्युनिसिपल इंजीनियरिंग डायरेक्टरेट के पास है। टेंडर से लेकर वर्क ऑर्डर तक का काम वे ही देख रहे हैं, नगर पालिका केवल सहयोग कर रही है। अगले सप्ताह से काम शुरू हो जाएगा।”

​हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी परियोजना को पूरी तरह से समाप्त होने में लगभग 3 से 4 साल का समय लग सकता है।

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