माध्यमिक परीक्षार्थियों के लिए ‘कवच’ बनी पुलिस और वन विभाग, कहीं हाथियों से सुरक्षा तो कहीं बने ‘मुश्किल आसान’
पश्चिम बंगाल में माध्यमिक (10वीं बोर्ड) की परीक्षाओं का आगाज एक नई मिसाल के साथ हुआ है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से प्रशासन की संवेदनशीलता की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने न केवल छात्रों का तनाव कम किया, बल्कि मानवता का परिचय भी दिया। कहीं वन विभाग की ‘ऐरावत’ गाड़ियां छात्रों को हाथियों के झुंड से बचाकर परीक्षा केंद्र ले गईं, तो कहीं पुलिस ने गलत केंद्र पहुंचे छात्रों को अपनी बाइक पर बैठाकर मंजिल तक पहुंचाया।
जंगली रास्तों पर ‘ऐरावत’ का पहरा
पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जैसे जंगली इलाकों में हाथियों का आतंक छात्रों के लिए बड़ी बाधा बनता रहा है। इस साल वन विभाग ने छात्रों की सुरक्षा के लिए विशेष ‘ऐरावत’ गाड़ियां (पेट्रोलिंग वैन) तैनात की हैं।
गुड़गुड़ीपाल और नयाग्राम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ये गाड़ियां सायरन बजाते हुए छात्रों के वाहनों को एस्कॉर्ट कर रही हैं, ताकि जंगल के रास्ते में हाथियों का सामना न हो। उत्तर बंगाल के चाय बागानों वाले इलाकों में भी वन विभाग ने तेंदुओं के खतरे को देखते हुए विशेष बसें और जाल (Netting) लगाए हैं, ताकि परीक्षार्थी निडर होकर केंद्र तक पहुंच सकें।
जब पुलिस बनी ‘मुश्किल आसान’
एक और दिल छू लेने वाली घटना खड़गपुर से सामने आई। यहाँ दो छात्र परीक्षा के तनाव और जल्दबाजी में अपने निर्धारित केंद्र ‘साउथ साइड हाई स्कूल’ के बजाय गलती से ‘इंदा बालिका विद्यालय’ पहुंच गए। जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उनके पास समय बहुत कम बचा था और वे घबरा गए।
वहां तैनात खड़गपुर टाउन पुलिस के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने अपनी विशेष ‘सहायता बाइक’ पर दोनों छात्रों को बैठाया और ट्रैफिक के बीच से निकालते हुए सुरक्षित उनके सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। खड़गपुर टाउन थाना प्रभारी पार्थसारथी पाल ने बताया कि ऐसी आपात स्थितियों के लिए शहर में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो एडमिट कार्ड भूलने या वाहन खराब होने पर छात्रों की मदद कर रही हैं।
फूल और कलम से स्वागत
केवल सुरक्षा ही नहीं, प्रशासन ने छात्रों का मनोबल बढ़ाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। कई केंद्रों पर पुलिसकर्मियों को छात्रों को गुलाब के फूल और पेन भेंट करते देखा गया। आनंदपुर थाना क्षेत्र के स्कूलों के बाहर पुलिस ने छात्रों का स्वागत किया और उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा लिखने के लिए शुभकामनाएं दीं।
अभिभावकों ने जताया आभार
प्रशासन की इस तत्परता ने अभिभावकों का दिल जीत लिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस और वन विभाग की इस सक्रियता से न केवल छात्रों की जान सुरक्षित रही, बल्कि उनका कीमती साल खराब होने से भी बच गया।
पश्चिम बंगाल सरकार और प्रशासन की यह सामूहिक पहल यह संदेश देती है कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो पूरी व्यवस्था एक अभिभावक की तरह साथ खड़ी होती है।
पश्चिम बंगाल में माध्यमिक (10वीं बोर्ड) की परीक्षाएं शुरू होने के साथ ही मेदिनीपुर नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन ने छात्रों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो और वे शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी परीक्षा दे सकें।
ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रोक:
नगर पालिका ने परीक्षा के दौरान लाउडस्पीकर और माइक बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मेदिनीपुर नगर पालिका के चेयरमैन सौमेन खान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई डेकोरेटर या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर माइक किराए पर देता है या बजाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुफ्त परिवहन सेवा (फ्री टोटो सर्विस):
परीक्षार्थियों की मदद के लिए शहर के प्रमुख स्थानों, जैसे एलआईसी (LIC) मोड़ पर विशेष ‘टोटो’ (ई-रिक्शा) तैनात किए गए हैं। INTTUC की ओर से शुरू की गई यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है। एडमिट कार्ड दिखाकर छात्र इन टोटो के जरिए अपने परीक्षा केंद्रों तक बिना किसी खर्च के पहुँच सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जिला बस परिवहन संगठनों ने भी घोषणा की है कि एडमिट कार्ड दिखाने पर परीक्षार्थियों से बस का किराया नहीं लिया जाएगा।
यातायात प्रबंधन और नो-पार्किंग जोन:
परीक्षा के दौरान शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं:
परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी तरह की अस्थायी दुकान या बाजार लगाने पर रोक है।
शहर की मुख्य सड़कों और रिंग रोड पर पार्किंग वर्जित कर दी गई है।
परीक्षा के समय शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।
सुरक्षा और अन्य इंतजाम:
जिला विद्यालय निरीक्षक (DI) अमित राय के अनुसार, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
प्रत्येक परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार और स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं।
केंद्रों पर पीने के पानी और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है।
हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों (Elephant Corridors) में परीक्षार्थियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीम उन्हें एस्कॉर्ट कर केंद्र तक पहुँचाएगी।
परीक्षार्थियों की संख्या में वृद्धि:
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष पश्चिम मेदिनीपुर जिले में परीक्षार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले वर्ष जहाँ लगभग 53,196 छात्र परीक्षा में बैठे थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग 56,000 से अधिक हो गई है। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी है।