खरीदा में दिलीप ने की परिवर्तन सभा, प्रदूषण के लिए प्रशासन को लिया आड़े हाथों
दिलीप घोष सोमवार कर्णगढ़ मंदिर का दर्शन करेंगे व वहां आयोजित वनभोज मेंशमिल होंगे
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। राज्य की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने मेदिनीपुर में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई उनकी मुलाकात के बाद, दिलीप घोष का यह कदम राज्य की राजनीति में उनके फिर से ‘पावर सेंटर’ बनने के संकेत दे रहा है।
अमित शाह से मुलाकात के बाद बदले समीकरण:
सूत्रों के अनुसार, कोलकाता में अमित शाह के साथ हुई सांगठनिक बैठक में दिलीप घोष को मेदिनीपुर लोकसभा क्षेत्र और उसके अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से दिलीप घोष पार्टी की मुख्य गतिविधियों से थोड़ा दूर नजर आ रहे थे, लेकिन शाह के साथ हुई ‘सकारात्मक’ चर्चा के बाद वे एक बार फिर ‘फुल एक्शन’ मोड में दिखाई दे रहे हैं।
धार्मिक और जनसंपर्क अभियान की शुरुआत:
शनिवार को दिलीप घोष खड़गपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने खड़गपुर ग्रामीण के मदपुर-जकपुर क्षेत्र में स्थित महिषा मनसा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और जमीन पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। मेदिनीपुर क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी को उम्मीद है कि 2026 के चुनावों में उनका ‘ग्राउंड सपोर्ट’ और आक्रामक चुनाव प्रचार शैली भाजपा के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया:
दिलीप घोष की इस सक्रियता पर सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुटकी ली है। टीएमसी के घाटल सांगठनिक जिले के अध्यक्ष अजीत मैती ने कहा कि भाजपा का पश्चिम मेदिनीपुर में कोई अस्तित्व नहीं है और आने वाले चुनावों में भाजपा का सफाया तय है।
2026 का लक्ष्य:
दिलीप घोष को बंगाल भाजपा का अब तक का सबसे सफल अध्यक्ष माना जाता है, जिनके कार्यकाल में पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 18 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। अब 2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, भाजपा नेतृत्व उन्हें फिर से अग्रिम पंक्ति में लाकर राज्य में खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहा है।
दिलीप शनिवार किसान खरीद में आयोजित परिवर्तन सभा को संबोधित करते हुए प्रदूषण के लिए प्रशासन व टीएमसी पार्टी को जिम्मेदार माना। उन्होंने कहा कि सर केपूरा होने पर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिया व रोहंगिया पकडे जाएंगे।