





पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में खड़गपुर में आयोजित एक जनसभा में भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और सत्ताधारी दल पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला। सभा में नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकारी खजाने को लूटने वालों से पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा।



“जनता के पैसे की वसूली होकर रहेगी”

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि स्टेडियम निर्माण से लेकर ऑडिटोरियम तक और आवास योजना से लेकर शौचालय, जल और बिजली परियोजनाओं तक में भारी बंदरबांट हुई है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “जिन्होंने विकास का पैसा खाया है, उनके पेट से पैसा निकालकर जनता को वापस दिया जाएगा। जनता यह सब देख रही है और अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
जांच एजेंसियों का बढ़ता शिकंजा:
कोलकाता में हालिया प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले बच्चे ‘निशिथ डाक’ (रात की पुकार) से डरते थे, लेकिन आज भ्रष्ट नेताओं के लिए ‘ईडी की डाक’ सबसे बड़ा डर बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच का नोटिस मिलते ही कई नेताओं का बीपी और शुगर बढ़ जाता है और वे अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं।
केजरीवाल और सोरेन का दिया हवाला:
भाषण के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लालू प्रसाद यादव का उदाहरण देते हुए कहा गया कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को रियायत नहीं मिलेगी। नेताओं ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग भी जल्द ही जांच के घेरे में होंगे।
“बदलेगी खड़गपुर की आबोहवा”
सभा में दिल्ली की भाजपा नेता रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं। उन्होंने दिल्ली के विकास और यमुना सफाई का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां बदलाव की शुरुआत हुई है, उसी तरह खड़गपुर और पूरे बंगाल की ‘जहरीली राजनीतिक हवा’ को साफ किया जाएगा।
परिवर्तन की अपील:
अंत में मतदाताओं से अपील करते हुए कहा गया, “आपने 15 साल चोरों को दिए, 35 साल वामपंथियों को दिए, अब बस 5 साल ‘राम’ (भाजपा) को देकर देखिए। हम एक भ्रष्टाचार मुक्त और समृद्ध बंगाल बनाएंगे।”








