खड़गपुर नगर पालिका क्षेत्र में जनकल्याण शिविरों को मिली बड़ी सफलता, कुल 24,522 आवेदन प्राप्त

June 19, 2026 1:53 AM

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर नगर क्षेत्र में आयोजित जनकल्याण शिविरों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी से पहुंच रहा है। 18 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में कुल 6,135 सेवाएं प्रदान की गईं, जबकि विभिन्न योजनाओं के तहत कुल लाभार्थियों की संख्या 24,522 तक पहुंच गई है।

आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में लोगों की सबसे अधिक रुचि देखने को मिली। आयुष्मान भारत योजना के तहत एक दिन में 1,454 आवेदन और सेवाएं प्रदान की गईं, जबकि कुल लाभार्थियों की संख्या 6,813 दर्ज की गई। इसके बाद अन्नपूर्णा योजना में 1,218 लाभार्थियों को सेवा मिली और कुल संख्या 4,933 तक पहुंच गई।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाली “एक गाछ मां के नाम” पहल में भी लोगों ने उत्साह दिखाया। इस योजना के तहत 541 लोगों ने भाग लिया, जबकि कुल भागीदारी 1,150 दर्ज की गई। वहीं पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 141 नए आवेदन प्राप्त हुए और कुल संख्या 805 तक पहुंच गई।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना (BMSSY) के तहत 300, वृद्धावस्था पेंशन में 250 तथा राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में 248 लोगों को लाभ मिला। इसके अलावा उज्ज्वला योजना, स्वास्थ्य जांच शिविर, स्वच्छ भारत मिशन, भूमि रिकॉर्ड म्यूटेशन, ई-श्रम, अटल पेंशन योजना, कन्याश्री, जय जोहार, तपशिली बंधु और अन्य योजनाओं में भी उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की गई।

रोजगार और स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं में मुद्रा लोन, उद्यम पंजीकरण, रोजगार सेवा पोर्टल, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना (NATS) तथा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के लिए भी युवाओं ने आवेदन किए।

कृषि क्षेत्र में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम-किसान सम्मान निधि, कृषि अवसंरचना निधि (AIF), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और बागवानी विकास मिशन जैसी योजनाओं में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

शिक्षा और छात्र कल्याण से संबंधित योजनाओं में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, पश्चिम बंगाल स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, शिक्षाश्री, मेधाश्री तथा सुकन्या समृद्धि योजना के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जनकल्याण शिविरों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है ताकि आम लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि यह पहल लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में प्रभावी साबित हो रही है और आने वाले दिनों में लाभार्थियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

18 जून 2026 तक कुल उपलब्धि:

एक दिन में प्रदान की गई सेवाएं: 6,135

कुल लाभार्थी/सेवाएं: 24,522

सबसे अधिक लाभार्थी वाली योजना: आयुष्मान भारत (6,813)

दूसरे स्थान पर: अन्नपूर्णा योजना (4,933)

जनकल्याण शिविरों में लगातार बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों की जागरूकता और विश्वास दोनों में वृद्धि हो रही है।

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