




कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार का पहला राज्य बजट आज पेश होने जा रहा है। परिवर्तन के इस दौर में आम जनता को इस बजट से पहाड़ जैसी उम्मीदें हैं। सभी की निगाहें राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा पेश किए जाने वाले इस बजट पर टिकी हैं।


सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार का बजट पूरी तरह से रोजगारोन्मुखी हो सकता है, जिसमें आय बढ़ाने और खर्चों को कम करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही, लंबे समय से बंद पड़ी सरकारी भर्तियों को लेकर भी कोई बड़ी घोषणा इस बजट में देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि बीते 17 तारीख को राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने दिल्ली जाकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की थी।

राज्य के वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के लोग पूरी तरह से अपनी आजीविका कमा सकें और उद्योगों का तेजी से विकास हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल को आर्थिक रूप से एक आधुनिक और प्रगतिशील राज्य बनाने की बात कही है। हालांकि, जनता की भारी उम्मीदों और राज्य के खजाने की मौजूदा स्थिति के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
पिछली सरकार के दौरान आय का एक बड़ा हिस्सा आबकारी (शराब) शुल्क से आता था। सूत्रों का मानना है कि नई सरकार के बजट में इससे उलट तस्वीर पेश की जा सकती है। इस बार के बजट में पर्यटन उद्योग पर अतिरिक्त जोर दिए जाने और उत्तर बंगाल के विकास के लिए किसी विशेष पैकेज के ऐलान की भी पूरी संभावना है।
दूसरी ओर, राज्य में उद्योगों की वापसी, खासकर सिंगूर में टाटा को लेकर भी बड़ी उम्मीदें जगी हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ तौर पर कहा था, ‘सबसे पहले मैं बता दूं, हम टाटा को यहां लाएंगे।’ राज्य के उद्योग और पुनर्गठन विभाग की जिम्मेदारी 5 बार के वरिष्ठ विधायक तापस रॉय को सौंपी गई है, और उद्योग विभाग की टीम में कई अनुभवी चेहरे शामिल हैं।
अब सभी को इस बात का इंतजार है कि ‘डबल इंजन’ की यह नई सरकार राज्य में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में किस तरह आगे बढ़ती है और राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए क्या अहम कदम उठाती है।






