




पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार का यह पहला बजट है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने दोपहर 12 बजे राज्य का बजट पेश किया। इस बजट में महिलाओं के लिए कई ऐतिहासिक और बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जिससे आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों के सर्वांगीण विकास में बड़ी मदद मिलेगी। आइए जानते हैं इस बजट की प्रमुख बातें:


अन्नपूर्णा योजना और महिलाओं के लिए आर्थिक मदद

बजट का सबसे बड़ा आकर्षण ‘अन्नपूर्णा योजना’ रही।
इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये का अनुदान मिलेगा।
चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सरकार ने बताया है कि 3 जून को ही 28 लाख माताओं-बहनों के बैंक खाते में 3,000 रुपये भेजे जा चुके हैं।
आवश्यक दस्तावेज: इस योजना के आवेदन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक/स्टेटमेंट और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होगी।
अन्य प्रमुख भत्ते और अनुदान
विधवा पेंशन: विधवाओं के मासिक भत्ते को बढ़ाकर अब 1,500 रुपये कर दिया गया है।
आशा कर्मी: आशा कार्यकर्ताओं के वेतन में सीधे 5,000 रुपये की वृद्धि की गई है।
गर्भवती महिलाएं: गर्भवती महिलाओं और शिशु के पोषण के लिए 21,000 रुपये का एकमुश्त अनुदान दिया जाएगा।
छात्राएं: अविवाहित छात्राओं को स्नातकोत्तर (PG) में प्रवेश के समय 50,000 रुपये की एकमुश्त राशि मिलेगी।
सुरक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य
सरकारी नौकरी: सभी सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की गई हैं।
महिला पुलिस: महिला पुलिस कर्मियों का एक विशेष दस्ता बनाया जाएगा। साथ ही हर अनुमंडल (Sub-division) में कम से कम एक महिला संचालित थाना होगा।
स्वास्थ्य: हर स्कूल में सेनेटरी वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत परिवारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा।
युवाओं को लोन: 2 लाख युवक-युवतियों को 10 लाख रुपये का लोन दिया जाएगा, जिसमें 5 लाख रुपये ग्रांट (अनुदान) के रूप में होंगे और बाकी 5 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण होगा।
परिवहन में बड़े बदलाव
मुफ्त बस सेवा: महिलाओं के लिए सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह से फ्री कर दी गई है। इसके लिए 550 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ट्राम और वाटर मेट्रो: निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए कोलकाता में ट्राम सेवा वापस लाई जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में ‘वाटर मेट्रो’ चलाने की घोषणा की है। 17 शहरों के बाद, कोलकाता वाटर मेट्रो सेवा वाला देश का 18वां शहर बनने जा रहा है।







