






खड़गपुर नगरपालिका की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। नगरपालिका के विकास कार्यों में कथित विफलता और वार्ड स्तर पर नागरिक सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्षदों के एक गुट ने वर्तमान चेयरपर्सन कल्याणी घोष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) पेश कर दिया है।


विकास कार्यों में विफलता का आरोप

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों का आरोप है कि पिछले ढाई वर्षों में शहर में नागरिक सुविधाओं का हाल बेहाल हो चुका है। वार्डों में जलजमाव, बुनियादी ढांचे की अनदेखी और विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार से आम जनता बेहद नाराज है। पार्षदों का कहना है कि वे जनता की बुनियादी जरूरतें तक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। उनका यह भी तर्क है कि जब तक वर्तमान चेयरपर्सन अपने पद पर रहेंगी, तब तक नगरपालिका का उचित विकास संभव नहीं है। पार्षदों ने साफ किया कि यह कदम किसी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल शहर के विकास के हित में उठाया गया है।
कार्यकारी अधिकारी (EO) को सौंपा गया पत्र
पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने एकजुट होकर नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी (EO) को औपचारिक पत्र सौंपा। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पर्याप्त संख्या बल के समर्थन से यह प्रस्ताव लाया गया है। पार्षदों ने मांग की है कि नियमों के तहत सात दिनों के भीतर एक विशेष बोर्ड बैठक बुलाई जाए, ताकि फ्लोर पर विश्वास मत (फ्लोर टेस्ट) साबित किया जा सके।
प्रशासन और चेयरपर्सन की प्रतिक्रिया
मामले पर संज्ञान लेते हुए कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि पार्षदों द्वारा सौंपा गया अविश्वास प्रस्ताव पत्र प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि म्युनिसिपल एक्ट और कानून के प्रावधानों के अनुसार ही आगे का कदम उठाया जाएगा। इसके लिए उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से विचार-विमर्श कर जल्द से जल्द बैठक की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि शहर की नियमित नागरिक सेवाएं प्रभावित न हों।
वहीं, इस घटनाक्रम पर चेयरपर्सन कल्याणी घोष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सीमित संसाधनों और उपलब्ध फंड के भीतर रहकर काम करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बैठक बुलाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और जो भी प्रक्रिया कानून के तहत होगी, उसका सामना वे फ्लोर पर करेंगी। अब सभी की निगाहें आगामी विशेष बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि खड़गपुर नगरपालिका में मौजूदा नेतृत्व बना रहेगा या शहर को नया प्रशासनिक चेहरा मिलेगा।





