






अन्नपूर्णा दिवस के अवसर पर राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ताओं के कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनके सामाजिक स्तर को और मजबूत करना है। साथ ही यह निर्णय लिया गया है कि हर साल १७ सितंबर को आधिकारिक रूप से ‘अन्नपूर्णा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।


प्रमुख घोषणाएं और योजनाएं:

महिलाओं के नाम पर पीएम आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घर अब सीधे तौर पर महिलाओं के नाम पंजीकृत किए जाएंगे। इसके लिए ५० लाख से अधिक घरों की सूची तैयार कर ली गई है।
अन्नपूर्णा योजना के तहत आर्थिक सहायता: योजना के अंतर्गत १ करोड़ ५८ लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ₹३,००० की वित्तीय राशि ट्रांसफर की जाएगी।
आईसीडीएस और आशा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि: जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं देने वाली आईसीडीएस (ICDS) और आशा कर्मियों के वेतन में ₹५,००० की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
प्राणी मित्रों का वेतन बढ़ा: पशुपालन और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ‘प्राणी मित्र’ कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹२,००० की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है।
कन्यारत्नों की पढ़ाई के लिए सहायता: बालिकाओं की स्कूली शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए २०२७ से ₹२,००० की आर्थिक मदद दी जाएगी।
उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को अनुदान: उच्च शिक्षा हासिल करने वाली छात्राओं के लिए कुल ₹५०,००० तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।





