






मेदिनीपुर: महालय के पावन अवसर पर पितृपक्ष के समापन और देवीपक्ष के शुभारंभ के साथ ही नदी घाटों पर तर्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांधी घाट पर तर्पण के लिए सुबह तड़के 3 बजे से ही हजारों की संख्या में लोग जुटने लगे थे। इस बार घाट पर पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक उत्साह और जनसैलाब देखने को मिला।


श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था
स्पीड बोट से निगरानी: नदी में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और खतरे के निशान से आगे जाने से रोकने के लिए स्पीड बोट के जरिए लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी की गई।
गोताखोर और आपदा प्रबंधन: घाटों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञ गोताखोर (डाइवर्स), आपदा प्रबंधन दल और विशेष सुरक्षा टीमें रात से ही पूरी तरह मुस्तैद रहीं।
चिकित्सा एवं पुलिस बल: सुरक्षा और प्राथमिक उपचार सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घाट पर तैनात थीं।
स्थानीय जनप्रतिनिधि ने की निगरानी व तर्पण
स्थानीय विधायक ने खुद घाट का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने खुद स्पीड बोट पर सवार होकर निगरानी व्यवस्था देखी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित दायरे में रहकर ही तर्पण करें। इसके बाद उन्होंने स्वयं भी तर्पण किया और आम जनता को महालया व आगामी दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि इस पावन दिन पर सभी परिवारों में सुख, समृद्धि, शांति और शिक्षा का वास हो, यही प्रार्थना है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन की तरफ से सभी महत्वपूर्ण घाटों पर इसी तरह की पुख्ता व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।






