






कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़े कदमों की घोषणा की है। हाल ही में नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के बाद सरकार ने नवंबर महीने में और 9 हजार पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि अगले दो वर्षों में पुलिस कर्मियों की संख्या के अनुपात में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश को भी पीछे छोड़ देगा।


राष्ट्रीय औसत से कम है राज्य में पुलिस अनुपात

वर्तमान आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि देश भर में प्रति एक लाख की आबादी पर औसतन 155 पुलिसकर्मी हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में यह संख्या लगभग 200 है। वहीं, पश्चिम बंगाल में यह अनुपात सबसे कम मात्र 105 है। इस कमी को दूर करने के लिए पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड के माध्यम से नवंबर के अंतिम सप्ताह में 9,000 नई भर्तियों की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके अलावा, दिसंबर तक कोलकाता पुलिस में 4,000 कांस्टेबलों की भर्ती पूरी की जाएगी तथा पीएससी (PSC) के जरिए 650 क्लर्क और 1,131 सब-इंस्पेक्टरों (SI) की भर्ती प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
कानूनी बाधाएं दूर कर पारदर्शी भर्ती का भरोसा
प्रशासन के अनुसार, पिछली व्यवस्था की कानूनी जटिलताओं और ओबीसी आरक्षण से जुड़ी अड़चनों को विधानसभा सत्र और अदालती प्रक्रिया के जरिए सुलझा लिया गया है। गृह सचिव के प्रयासों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया गया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी, ताकि किसी भी स्तर पर कोई त्रुटि न रहे।
डीए, अग्रिम वेतन और राशन भत्ते में बढ़ोतरी
पुलिसकर्मियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई वित्तीय घोषणाएं भी की गईं:
पुलिसकर्मियों का पुराना 20 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ता (डीए) चुकता कर दिया गया है, जिससे अब वे कुल 38 प्रतिशत की दर से डीए प्राप्त कर रहे हैं।
15 अक्टूबर को कर्मियों को अग्रिम वेतन दिया जाएगा।
ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के लिए 20 हजार रेनकोट, छाते और गमबूट की व्यवस्था की गई है।
राशन भत्ते को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह किया गया है।
सातवें वेतन आयोग को लागू करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नवीन प्रकाश के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया है।
कड़े कर्तव्य पालन और विशेष प्रशिक्षण का निर्देश
नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने और “राष्ट्र प्रथम” की भावना से कार्य करने का संदेश दिया गया। साथ ही, अवैध घुसपैठ और गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
राज्य की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती क्षेत्रों (बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और चीन सीमा) की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस को असम के ‘लाचित बोरफुकन पुलिस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ और गुजरात स्थित ‘राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय’ में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजने की भी योजना है।







