






कोलकाता: दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के टैंगरा इलाके में वामपंथी संगठनों के बुक स्टॉल को लेकर भारी तनाव देखने को मिला। सीपीएम के बुक स्टॉल को रोके जाने की घटना के बाद अब एसयूसीआई (SUCI) के बुक स्टॉल पर भी कथित तौर पर हमले और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। हालांकि, अदालत के आदेश और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने अंततः एसयूसीआई कार्यकर्ताओं को वहां स्टॉल लगाने की अनुमति दे दी।


पूजा समिति पर बाधा डालने का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एंटाली के कमरडांगा साधारण दुर्गोत्सव समिति ने पूजा से कुछ दिन पहले ही इलाके में फ्लेक्स लगाकर चेतावनी दी थी कि पूजा के दौरान किसी भी वामपंथी संगठन को बुक स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
महाषष्ठी की सुबह जब सीपीएम की ओर से पूजा पंडाल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर बुक स्टॉल लगाने की कोशिश की गई, तो आरोप है कि उन्हें रोक दिया गया। इसके चलते स्टॉल लगाने आए कारीगर और कार्यकर्ता बांस व अन्य सामान लेकर वापस लौट गए।
दोपहर में एसयूसीआई के स्टॉल पर तोड़फोड़ का आरोप
इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे एसयूसीआई के कार्यकर्ता पूजा पंडाल से करीब 150 मीटर की दूरी पर अपना बुक स्टॉल लगाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्टॉल लगाते ही सूरज सिंह और अभिजीत गुप्ता के नेतृत्व में 20 से 25 उपद्रवियों के एक समूह ने वहां आकर हमला कर दिया और स्टॉल में तोड़फोड़ की।
कोर्ट के आदेश के बाद सुलझा मामला
एसयूसीआई कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पहले से ही धमकियां मिल रही थीं, जिसके चलते उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने वहां स्टॉल लगाने के पक्ष में आदेश दिया था और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू करने का निर्देश दिया था। कार्यकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि लालबाजार और एंटाली थाने से पुलिस की आवश्यक अनुमतियां पहले ही ले ली गई थीं और संबंधित दस्तावेज थाने में जमा करा दिए गए थे।
हमले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई। अदालत के वैध आदेश और अनुमति को देखते हुए षष्ठी की शाम प्रशासन ने एसयूसीआई कार्यकर्ताओं को वहां शांतिपूर्वक बुक स्टॉल लगाने की अनुमति दे दी।





