





खड़गपुर। सबसे अधिक वोट यानी रिकॉर्ड मार्जिन से जीतने वाली सीपीआई पार्षद नर्गिस परवीन बोर्ड गठन के पहले तृणमूल में शामिल हो गई है नरगिस टीएमसी का झंडा थाम लिया है। नरगिस का कहना है कि वह दीदी के काम से प्रभावित है व उसके साथ काम करना चाहती है। ज्ञात हो कि खड़गपुर नगरपालिका के वार्ड 4 की सीपीआई प्रार्थी नरगिस ने चुनाव में शासकदल तृणमूल की प्रत्याशी तथा खड़गपुर पौरसभा बोर्ड के पूर्व वाईस चेयरमैन की पत्नी मुमताज कुद्दुसी को 5217 वोटों से हराया है। वहीं तृणमूल प्रत्याशी को हराने के बाद नर्गिस खुद तृणमूल में शामिल होने की जुगत में थी जिसके कारण बीते दिनों सीपीआई ने उसे पार्टी से बहिष्कृत कर दिया था। सीपीआई नेता विप्लव भट्ट का कहना है कि वार्ड 4 सीपीआई का गढ़ रहा है व बीते 52 साल में कभी भी वह सीपीआई ने पराजय का मुंह नहीं देखा। ज्ञात हो कि इससे पहले सन 15 में वार्ड 4 से शेख हनीफ ने सीपीआई की टिकट से ही चुनाव जीत टीएमसी में शामिल हो गए थे उस वक्त हनीफ ने नरगिस के पति शेख सय्याद को हराया था जो कि टीएमसी से लड़ा था लेकिन इस बार यह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने से शेख हनीफ की जगह उनकी पत्नी मुमताज तृणमूल की ओर से चुनाव में खड़ी थी। नरगिस भी टीएमसी की टिकट की जुगत में थी पर टीएमसी से टिकट नहीं मिलने पर वह सीपीआई की टिकट पर लड़ी व जीती।




इधर मंगलवार की शाम सात बजे टीएमसी की ओर से निर्वाचित पार्षदों की बैठक बुलाई गई है। जिसमें चेयरमैन पद की घोषणा होगी। पता चला है कि चेयरमैन व वाइस चेयरमैन पद के लिए अलग अलग बंद लिफाफा विधायक अजित माईति के पास सोमवार को ही पहुंच गया है। सूत्रों की माने तो चेयरमैन पद की रेस में प्रदीप ही आगे है। आधिकारिक घोषणा के पहले ही सोमवार से प्रदीप समर्थकों ने सोशल मीडिया में प्रदीप को बधाई देने लगे हैं। अब देखना है कि बोर्ड गठन व सीआईसी नियुक्ति में प्रदीप व देबाशीष में से किस गुट की चलती है।










