





तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल के प्रति केंद्र सरकार के रवैये पर कड़ा प्रहार किया है। एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में, बनर्जी ने विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं और राज्य के बकाया धन को लेकर केंद्र पर “आर्थिक घेराबंदी” का आरोप लगाया।



अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के कारण बंगाल के गरीब लोगों का हक मार रही है। उन्होंने विशेष रूप से मनरेगा (100 दिन का काम) और आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल का हजारों करोड़ रुपया जानबूझकर रोका गया है।

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि बंगाल से भारी मात्रा में कर (Tax) वसूलने के बावजूद, जब राज्य को उसका हिस्सा देने की बारी आती है, तो केंद्र सरकार भेदभाव करती है। टीएमसी सांसद ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि बंगाल के लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानते हैं और वे इस अन्याय को और बर्दाश्त नहीं करेंगे।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए अभिषेक बनर्जी का यह हमला काफी महत्वपूर्ण है। तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से ‘केंद्रीय वंचना’ (Central Deprivation) को राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना रही है। इससे पहले भी बनर्जी ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और कोलकाता में धरने के जरिए इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था।
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि नियमों के उल्लंघन और खर्च का सही हिसाब न देने के कारण ही कुछ फंड्स पर रोक लगाई गई है। बहरहाल, अभिषेक बनर्जी के इस ताजा हमले ने राज्य में केंद्र बनाम राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।







