





पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर शहर में चुनावी माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच पोस्टर हटाने को लेकर विवाद छिड़ गया। भाजपा ने सत्तारूढ़ दल TMC पर उनके चुनावी पोस्टरों को जानबूझकर ढकने और फाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।



क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेदिनीपुर शहर के विभिन्न हिस्सों में भाजपा प्रत्याशी के पोस्टर लगे हुए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि रातों-रात तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने उनके पोस्टरों के ऊपर अपने दल के पोस्टर चिपका दिए, जिससे भाजपा के प्रचार सामग्री पूरी तरह से छिप गई।
प्रत्याशी का विरोध प्रदर्शन:
इस घटना से आक्रोशित होकर भाजपा प्रत्याशी ने अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी, जिससे शहर के यातायात पर काफी असर पड़ा। भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि यह लोकतंत्र की हत्या है और विपक्षी दलों को प्रचार करने से रोकने की एक सोची-समझी साजिश है।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका:
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। भाजपा कार्यकर्ताओं की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके पोस्टरों को फिर से सम्मानजनक स्थान दिया जाए।
दूसरी ओर, इस मामले पर अभी तक तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।








