चंदना की याद दिला रही भाजपा की महुआ व पिंकी, सामने है कांग्रेस व टीएमसी के दिग्गज, जल निकासी को लेकर रेल से होगी आरपार की लड़ाईः दीपेंदु

February 22, 2022 8:09 PM

✍रघुनाथ प्रसाद साहू/9434243363

खड़गपुर। क्या खड़गपुर की चंदना बनेगी भाजपा प्रत्याशी महुआ व पिंकी। ज्ञात हो कि बीते विधानसभा चुनाव में बांकुड़ा के शालतोड़ा की रहने वाली मजदूरी करने वाली चंदना बाउड़ी टीएमसी को हरा चर्चा में आई थी हांलाकि बाद में विवाद में घिर गई। क्या खड़गपुर के वार्ड 8 की भाजपा प्रत्याशी महुआ यादव व 23 की पिंकी पात्रो चंदना प्रचार में चंदना की स्मृति दिलाती है। लालडांगा की रहने वाली महुआ यादव पति नीरज के साथ मिलकर आदिवासी पाडा में चाय दुकान चलाते हैं। महुआ के पति वार्ड आठ के शक्ति प्रमुख है। पति के साथ चाय व भुसीमल दुकान चलाने के साथ चुनाव प्रचार भी कर रही है। पालिका चुनाव में जहां पैसे पानी कीतरह बहाए जा रहे हैं वहां पिंकी पात्रो जैसे प्रत्याशी को जनता कैसे लेती है यह तो चुनाव परिणाम पर ही पता चलेगा। वार्ड 23 के प्रत्याशी पिंकी पात्रो के पति घर घर अखबार बांटते है व मजदूरी करते हैं। दोनों मिलकर पोस्टर बैनर लगा रहे हैं व चुनाव प्रचार कर रहे हैं। पिंकी पात्रो का मुकाबला वार्ड 23 के कांग्रेस के निवर्तमान पार्षद अपर्णा यादव से है टीएमसी से भारती पाल चुनाव मैदान में है।  जबकि महुआ के इलाके में दीपेंदु पाल की तूती बोलती है दीपेंदु की पत्नी जयश्री पाल फिर से चुनाव मैदान में उतरी है। जबकि कांग्रेस ने अमृता दास को उतारा है

अमृता के पति अक्षय टीएमसी में थे व निवर्तमान चेयरमैन प्रदीप सरकार के घनिष्ठ रहे हैं टिकट ना मिलने से नाराज हो अक्षय ने अपने पत्नी अमृता को चुनाव मैदान में उतारा है।

जल निकासी को लेकर रेल से होगी आरपार की लड़ाईः दीपेंदु

टीएमसी के शहराध्यक्ष दीपेंदु पाल का कहना है कि ना सिर्फ उसकी पत्नी जयश्री पाल इस बार भी जीत रही है वे लोग बोर्ड बनाएंगे व जलनिकासी को लेकर रेल प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा रेल का सहयोग नहीं मिला तो आर पार का लड़ाई होगी। दीपेंदु का मानना है कि रेल प्रशासन की उदासीनता के कारण रेल इलाके का पानी निचली इलाकों में जमा होता है जिससे सड़कों की हालत खराब हो गई है उन्होने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट के लिए 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा गया है जिससे शहर के लोगों को शुद्द पेयजल मिलेगा। ज्ञात हो कि दीपेंदु सन  81 से निर्दलीय जीते थे उसके बाद कांग्रेस फिर टीएमसी में शामिल हो गए। दीपेंदु खुद चार बार जीत चुके हैं जबकि उसकी पत्नी दोबारा भाग्य आजमा रही है जबकि कांग्रेस की टिकट पर गायत्री भौमिक तीन बार जीत चुकी है दीपेंदु का कहना है कि इस वार्ड में कभी भी वामपंथी व भाजपा की दाल नहीं गली।

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