पश्चिम बंगाल चुनाव: ममता बनर्जी का भाजपा पर बड़ा हमला, वोटर लिस्ट में बाहरी लोगों के नाम जोड़ने का लगाया आरोप

March 31, 2026 9:24 AM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार तेज होते ही राजनीतिक बयानबाजी और आरोपों का दौर भी तीखा हो गया है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में बाहरी राज्यों के लोगों के नाम शामिल करने की कोशिश की जा रही है।

“वोट हड़पने की साजिश” – ममता बनर्जी:

पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोणा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से लोगों के नाम बंगाल की मतदाता सूची में डलवाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को ही चुनाव आयोग में करीब 30 हजार ऐसे नाम जमा किए गए हैं जो बंगाल के निवासी नहीं हैं।

ममता ने इस पूरी प्रक्रिया को ‘सर्वनाश’ करार देते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” बंगाल के लोगों का हक छीनकर वोट पर कब्जा करना चाहती है। उन्होंने जनता को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि जिनके नाम वोटर लिस्ट में हैं, वे भी निश्चिंत न बैठें और बूथ स्तर पर किसी भी गड़बड़ी पर नजर रखें।

चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी:-

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर अपनी चिंता व्यक्त की है। इससे पहले सोमवार रात को अभिषेक बनर्जी ने भी चुनाव आयोग के कार्यालय जाकर ‘फॉर्म-6’ के संदिग्ध इस्तेमाल की शिकायत दर्ज कराई थी। ममता बनर्जी ने आश्वासन दिया कि जिन वैध मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके लिए मुफ्त कानूनी सहायता और वकीलों की व्यवस्था करेगी।

आलू किसानों को लेकर भाजपा को जवाब:-

वोटर लिस्ट के विवाद के साथ-साथ ममता बनर्जी ने स्थानीय मुद्दों पर भी भाजपा को घेरा। हाल ही में हुगली और मेदिनीपुर के आलू किसानों को फसल का उचित दाम न मिलने पर भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा था।

इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने वादा किया कि जिन किसानों की आलू की फसल खराब हुई है, उन्हें बीमा के माध्यम से उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने सीधे तौर पर मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “अगर आप आलू का मुआवजा चाहते हैं, तो तृणमूल को वोट दें।”

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों (2026) का चुनावी बिगुल बज चुका है और राज्य में सियासी पारा चढ़ने लगा है। 23 तारीख को राज्य में पहले चरण का मतदान होना है, जो मुख्य रूप से पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर, घाटाल, पुरुलिया, बांकुड़ा के साथ-साथ उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में संपन्न होगा।

​चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष, दोनों ने ही पूरे जोरों-शोरों से अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, अभिषेक बनर्जी के बाद अब खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी मैदान में उतरकर मोर्चा संभाल लिया है और वे लगातार विभिन्न जिलों में ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रही हैं।

​बीते दिनों का कार्यक्रम: मुख्यमंत्री ने कल ही नारायणगढ़ और डेबरा में विशाल जनसभाओं को संबोधित कर मतदाताओं से समर्थन मांगा था।

​आज की रैलियां: आज उनका तूफानी दौरा जारी है। फिलहाल ममता बनर्जी क्षीरपाई के चड़कडांगा मैदान में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार सूर्यकांत दोलुई के समर्थन में एक बड़ी जनसभा कर रही हैं। इसी मंच से पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता में जोश भरते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, “यह भूल जाइए कि कौन खड़ा है, आप यही मानकर चलिए कि सभी 294 सीटों पर मैं ही उम्मीदवार हूँ।”

उन्होंने खास तौर पर महिलाओं के लिए चल रही सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि ये योजनाएं किसी धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर नहीं बल्कि सभी जरूरतमंदों के लिए समान रूप से लागू की गई हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को समान अवसर देना है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और ऐसे किसी भी प्रयास का विरोध करें, जो उनके अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश करे।

सभा में उन्होंने विपक्षी दल पर भी जोरदार हमला बोला। उनका आरोप था कि बाहरी लोगों को लाकर राज्य की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हजारों नाम वोटर सूची में जोड़ने की साजिश की जा रही है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके। उनके अनुसार, यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है और जनता को इस बारे में सतर्क रहने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ शक्तियां राज्य की संस्कृति और पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बंगाल की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और राज्य की शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उनके भाषण में बार-बार यह संदेश सामने आया कि विकास और सामाजिक सुरक्षा ही उनकी सरकार की प्राथमिकता है।

इसके अलावा उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार आगे भी गरीबों, महिलाओं और युवाओं के लिए नई योजनाएं लाती रहेगी। उन्होंने जनता से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि अगर लोग उनका साथ देंगे, तो राज्य में विकास की गति और तेज होगी।

कुल मिलाकर, इस जनसभा में उनका भाषण चुनावी रणनीति, सामाजिक संदेश और विपक्ष के खिलाफ तीखे आरोपों का मिश्रण रहा, जिसमें उन्होंने खुद को आम लोगों के हितों की रक्षक के रूप में प्रस्तुत किया।

​गरबेटा में अपना कार्यक्रम पूरा करने के बाद, मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार के अगले चरण के लिए बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर में एक सभा को संबोधित करेंगी और उसके पश्चात दुर्गापुर के लिए रवाना हो जाएंगी। कुल मिलाकर, पहले चरण के मतदान से पूर्व मुख्यमंत्री पूरी ताकत के साथ पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटी हुई हैं।

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