





खड़गपुर सदर में राजनीतिक पारा उस समय गरमा गया जब भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही गुटबाजी को लेकर तीखा हमला बोला। मंगलवार शाम खड़गपुर के वार्ड नंबर 26, भवानीपुर में आयोजित एक पथ सभा (नुक्कड़ सभा) के दौरान उन्होंने टीएमसी के अंदरूनी विवादों को जनता के सामने रखा।



टीएमसी की ‘सड़क पर लड़ाई’ पर तंज:

दिलीप घोष ने सोमवार रात टीएमसी कार्यालय में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के ही एक नेता ने अपनी महिला सहकर्मी के साथ मारपीट की। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा:
“मुझे पता चला है कि कल रात पार्टी ऑफिस में बहुत ‘प्यार’ वाली लड़ाई हुई। रात के 1:30 बजे कौन भद्र पुरुष या महिला चाय की दुकान पर जाते हैं? यही टीएमसी के लोग हैं जो खड़गपुर को चला रहे हैं। इन चोर-डकैतों से शहर को बचाना होगा।”
जून मालिया और प्रदीप सरकार पर निशाना:
भाजपा उम्मीदवार ने टीएमसी की वर्तमान सांसद जुने मालिया और पूर्व विधायक प्रदीप सरकार को भी नहीं बख्शा। हाल ही में एक नामांकन कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के डांस करने वाले वीडियो पर कटाक्ष करते हुए घोष ने कहा:
•”यहाँ एक ‘फुटफुटे’ (चमकती-दमकती) सांसद आई हैं।”
•”पूर्व विधायक और वर्तमान सांसद ने मिलकर सड़क पर डांस किया। इन्हें धूप और पानी से डर लगता है कि कहीं चेहरा काला न हो जाए।”
•दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि ये नेता जनता के मुद्दों से दूर हैं और केवल मनोरंजन तक सीमित हैं।
टीएमसी का पलटवार:
दिलीप घोष के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी नेतृत्व ने उन्हें ‘पागल’ करार दिया। टीएमसी नेताओं का कहना है कि दिलीप घोष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिलीप घोष महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानते और उनके पुराने बयान इस बात का सबूत हैं।
खड़गपुर में चुनावी जंग अब व्यक्तिगत आरोपों और आंतरिक गुटबाजी के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आ रही है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और भी गरमाने की उम्मीद है।










