





प्रधानमंत्री ने रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया



“इस बार पश्चिम बंग दिवस की यह तिथि और भी अधिक विशेष है। स्वतंत्रता के बाद बंगाल के उज्ज्वल भविष्य का जो सपना देखा गया था, महान विभूतियों ने जिस बंगाल की कल्पना की थी, आज पश्चिम बंग दिवस पर पहली बार हम उन सपनों को साकार होते हुए देख रहे हैं।” — प्रधानमंत्री

“यह ऐतिहासिक तिथि पश्चिम बंगाल के विकास की प्रेरणा बने और हम सब मिलकर राज्य के लिए एक नया और गौरवशाली इतिहास रचें।” — प्रधानमंत्री
“आज सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है। रेलवे, सड़क, कृषि और मत्स्य पालन से जुड़ी ये परियोजनाएँ बंगाल के विकास को नई गति देंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी।” — प्रधानमंत्री
“बंगाल ने रक्तपात सहा, अपने लोगों को खोया और अपनी धरती का विभाजन देखा, लेकिन उसने अपनी पहचान और आत्मसम्मान को कभी समाप्त नहीं होने दिया।” — प्रधानमंत्री
“पश्चिम बंग दिवस पर हम केवल एक तिथि को याद नहीं कर रहे हैं, बल्कि पूरे इतिहास को स्मरण कर रहे हैं और बंगाल की हजारों वर्ष पुरानी विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।” — प्रधानमंत्री
“भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। विकसित भारत के इस संकल्प की सबसे बड़ी नींव पूर्वी भारत का विकास है और इसी उद्देश्य से हम ‘मिशन पूर्वोदय‘ पर कार्य कर रहे हैं।” — प्रधानमंत्री
प्रकाशन तिथि: 20 जून 2026, शाम 7:42 बजे (पीआईबी, नई दिल्ली)
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंग दिवस (Paschimbanga Divas) समारोह में भाग लिया। राज्य स्तरीय समारोह हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित किया गया, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़ा एक ऐतिहासिक स्थान है। इस वर्ष का विषय “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास” रखा गया, जो राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक एकता और विकास की आकांक्षाओं को दर्शाता है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से संबंधित अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण तथा शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से बुनियादी ढाँचा मजबूत होगा, किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ेगी तथा राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 23वीं किस्त भी जारी की। इस किस्त के अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हालिया चुनावों के बाद यह उनकी पश्चिम बंगाल की पहली यात्रा है। उन्होंने कहा कि राज्य में उत्साह, विश्वास और विकास का नया वातावरण दिखाई दे रहा है और पश्चिम बंगाल ने राष्ट्र निर्माण की नई यात्रा प्रारंभ कर दी है।
उन्होंने “स्वच्छता से स्वागत” अभियान में भाग लेने वाले नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन उन बलिदानों की याद दिलाता है जिनकी बदौलत विभाजन के कठिन समय में बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और भारत से उसका संबंध सुरक्षित रहा। उन्होंने इस अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित अनेक समाज सुधारकों, विद्वानों, उद्योगपतियों और जननेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।






