





खड़गपुर शहर तृणमूल कोर कमेटी और शहर तृणमूल कमेटी की ओर से ओल्ड सेटलमेंट स्थित पार्टी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस बैठक में तृणमूल नेताओं ने एक सुर में भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष के खिलाफ मोर्चा खोला और खड़गपुर में उनके कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए। हालांकि 16 साल के बाद भी खड़गपुर वासियों को शराब पीने का पानी उपलब्ध नाकरा पाने के लिए शहरवासियों से माफी मांगी।



विकास के वादों पर उठाए सवाल:-

तृणमूल नेतृत्व ने आरोप लगाया कि दिलीप घोष खड़गपुर में विधायक और सांसद दोनों पदों पर रहे, लेकिन उन्होंने शहर के लिए कुछ ठोस नहीं किया। नेताओं ने याद दिलाया कि 2016 में जीत के बाद दिलीप घोष ने रवींद्र इंस्टीट्यूट में विकास के कई वादे किए थे, लेकिन 2026 तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
गोल बाजार, गेट बाजार और नया बाजार की कई दुकानों में आज भी बिजली कनेक्शन नहीं है।दुकानों की एस्बेस्टस छतों से पानी टपकता है और चोरी की घटनाएं आम हैं।
रेलवे और विकास में बाधा का आरोप:-
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि रेलवे अधिकारियों द्वारा रेलवे बस्तियों में ममता बनर्जी की जनकल्याणकारी परियोजनाओं को लागू करने में बाधा डाली जाती है। इसके बावजूद, तृणमूल सरकार ने इन बस्तियों में पीने का पानी, सड़कें, शौचालय और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की है।
तृणमूल ने भाजपा पर तीखे हमले करते हुए कई अन्य बिंदुओं पर घेरा:
•अपराध और भाषा: दिलीप घोष द्वारा “गोली मार देंगे” जैसे बयानों और महिलाओं के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की गई वह चुनाव आयोग को मामले को संज्ञान लेने को कहा
•स्वास्थ्य सेवा: रेलवे अस्पतालों की बदहाली
विकास के आधार पर चुनाव की अपील:-
पूर्व विधायक और नगर प्रमुख प्रदीप सरकार ने अपने डेढ़ साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि खड़गपुर में आईसीयू अस्पताल, नया स्टेडियम, कोर्ट का संचालन और इलेक्ट्रिक शवदाह गृह जैसे कार्य उनके समय में हुए हैं। उन्होंने लक्ष्मी भंडार, रूपश्री और मुफ्त राशन जैसी राज्य सरकार की योजनाओं पर जोर देते हुए कहा कि आगामी चुनाव विकास के आधार पर लड़ा जाना चाहिए।
घोषणा: तृणमूल नेतृत्व ने जानकारी दी कि खड़गपुर सदर से उम्मीदवार प्रदीप सरकार 2 अप्रैल को सुबह 10 बजे एक विशाल शोभायात्रा के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।









