





पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में खड़गपुर के मालचा स्थित प्रेमहारी भवन में सीपीआईएम (CPIM) की एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता सभा आयोजित की गई। इस सभा में सीपीआईएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने शिरकत की और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर जमकर निशाना साधा।



धर्म की राजनीति पर प्रहार:

मोहम्मद सलीम खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से सीपीआईएम उम्मीदवार मधुसूदन राय के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा और टीएमसी पर धर्म का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। सलीम ने एक कटाक्ष करते हुए कहा कि जहाँ भारतीय जनता पार्टी धर्म के नाम पर ‘थोक कारोबार’ (Wholesale Business) कर रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस उसी मुद्दे को ‘खुदरा कारोबार’ (Retail Business) की तरह इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से लेकर दीघा के जगन्नाथ मंदिर तक, हर धार्मिक मुद्दे को केवल राजनीतिक फायदे के लिए भुनाया जा रहा है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की अपील:
सलीम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक विविधताओं वाला देश है जहाँ हर किसी को अपनी पसंद के कपड़े पहनने, खान-पान और पूजा पद्धति चुनने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज इन बुनियादी हक और अधिकारों को छीना जा रहा है। उनके अनुसार, राज्य में धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।
जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश:
सीपीआईएम नेता ने दावा किया कि सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्ष दोनों ही जनता के असल मुद्दों जैसे:
•बेरोजगारी
•शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ
•बढ़ती महंगाई
इन सभी से ध्यान हटाने के लिए धर्म को एक ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम जनता से अपील की कि वे इस भ्रमित करने वाली राजनीति से सतर्क रहें और वास्तविक विकास के मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, खड़गपुर सहित पूरे राज्य का सियासी माहौल और भी गर्माने की संभावना है।









