





पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर में SUCI (कम्युनिस्ट) पार्टी के उम्मीदवारों ने एक विशाल रैली निकालकर खड़गपुर सब-डिवीजन (अनुमंडल) के अंतर्गत आने वाली सभी 8 विधानसभा सीटों के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और अपनी राजनीतिक विचारधारा व चुनावी मुद्दों को जनता के सामने रखा।



चुनाव मैदान में उतरे SUCI के उम्मीदवार
खड़गपुर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले 8 विधानसभा क्षेत्रों के लिए SUCI (कम्युनिस्ट) ने निम्नलिखित उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है:

- विधानसभा क्षेत्र: खड़गपुर सदर, खड़गपुर ग्रामीण, डेबरा, सबंग, पिंगला, नारायणगढ़, केशियाड़ी और दांतन।
- प्रमुख उम्मीदवार:
- कामरेड सुरंजन महापात्र
- कामरेड अक्षय खान
- कामरेड दीपांकर मैती
- कामरेड तपन शासमल
- कामरेड शिशिर मन्ना
- कामरेड श्यामापद जाना
- कामरेड सुनील सिंह
- कामरेड सुभाष दास
जनता के ज्वलंत मुद्दों पर संघर्ष का दावा
नामांकन के दौरान मीडिया से बात करते हुए खड़गपुर सदर सीट से SUCI के उम्मीदवार ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी केवल चुनावी राजनीति नहीं करती। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी SUCI (कम्युनिस्ट) साल भर लोगों के जीवन की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सड़कों पर संघर्ष करती है। इस चुनाव में भी हम जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन संगठित करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरे हैं।”
भाजपा और टीएमसी पर तीखा प्रहार
उम्मीदवार ने अपने बयान में केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों पर जमकर निशाना साधा:
- भाजपा पर आरोप: उन्होंने केंद्र की सत्ताधारी भाजपा को “सांप्रदायिक” और “पूंजीपतियों की सेवादार” बताते हुए आरोप लगाया कि देश की सभी सरकारी संपत्तियों (सार्वजनिक उपक्रमों) को कुछ गिने-चुने निजी मालिकों के हाथों बेचा जा रहा है। SUCI इसके खिलाफ मजबूती से लड़ रही है।
- टीएमसी पर आरोप: राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर प्रहार करते हुए उन्होंने इसे “चरम भ्रष्ट” और “जनविरोधी” करार दिया।
सिद्धांत और नैतिकता की राजनीति का आह्वान
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य की आलोचना करते हुए SUCI नेता ने कहा कि आज की राजनीति सिद्धांतहीन, अवसरवादी और धंधेबाजी की राजनीति बन कर रह गई है।
SUCI (कम्युनिस्ट) इसके खिलाफ समाज में एक वैकल्पिक धारा का निर्माण करना चाहती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हम नीति-नैतिकता, उन्नत चरित्र और उच्च संस्कृति के आधार पर हर जगह एक संघर्ष खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं और यही संदेश हम इस चुनाव के माध्यम से जनता तक लेकर जाएंगे।”
निष्कर्ष: खड़गपुर में SUCI का यह नामांकन जुलूस न केवल उनके चुनावी अभियान की शुरुआत है, बल्कि यह भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता और पूंजीवाद के खिलाफ उनके निरंतर वैचारिक संघर्ष का भी एक स्पष्ट प्रदर्शन है।





