





झारग्राम: पश्चिम बंगाल के झारग्राम में आगामी चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। हाल ही में एक जनसभा के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आए। इस दौरान सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा, जब पंचायत समिति के सदस्यों सहित कई स्थानीय नेताओं ने बीजेपी का झंडा थाम लिया।



भ्रष्टाचार और घोटालों पर तीखा प्रहार

जनसभा को संबोधित करते हुए दिलीप घोष ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में हुए विभिन्न घोटालों— जैसे जमीन घोटाला, बालू तस्करी और गौ तस्करी— का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी भ्रष्टाचारियों और हिंसा फैलाने वालों को संरक्षण दे रही है। घोष ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय से आम जनता को लूटा है और भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं, उन्हें अब कानून का सामना करना पड़ेगा।
26,000 नौकरियों के रद्द होने का उठाया मुद्दा
हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा 26,000 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरी रद्द होने (शिक्षा घोटाले) के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। इसके साथ ही, दिलीप घोष ने राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्ट व पक्षपाती अधिकारियों को प्रशासन से हटाने की मांग की। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक प्रशासन में ऐसे अधिकारी मौजूद रहेंगे, तब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।
कई नेताओं ने ली बीजेपी की सदस्यता
इस चुनावी सभा के अवसर पर, टीएमसी के पूर्व पंचायत समिति सदस्य विश्वजीत देव समेत कई अन्य स्थानीय नेताओं ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। बीजेपी में शामिल होने वाले इन नेताओं ने संकेत दिया कि वे सत्ताधारी पार्टी की नीतियों और भ्रष्टाचार से क्षुब्ध होकर यह कदम उठा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद समर्थकों ने ‘भारत माता की जय’, ‘जय श्री राम’ और ‘बीजेपी जिंदाबाद’ के जोरदार नारे लगाए।





