






खड़गपुर: दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। कोलकाता के पंडालों में घटी हालिया घटनाओं से सबक लेते हुए, जिला पुलिस प्रशासन शाम ढलते ही जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के लिए सड़कों पर उतर पड़ा।


पश्चिम मेदिनीपुर रेंज के डीआईजी संतोष निंबालकर (IPS) और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) पापिया सुल्ताना (IPS) ने स्वयं बाइक पर सवार होकर खड़गपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के प्रमुख पूजा पंडालों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एडिशनल एसपी पार्थ घोष, एसडीपीओ सिद्धार्थ डांगी, खड़गपुर टाउन थाना प्रभारी अमित कुमार मित्र, लोकल थाना प्रभारी चिन्मय प्रामाणिक समेत जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने विशेष रूप से पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) के अलग-अलग रास्तों, आपातकालीन निकास द्वारों, पर्याप्त रोशनी व बिजली आपूर्ति, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक सर्कुलेशन व्यवस्था की बारिकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने बताया कि प्रशासन मुख्य रूप से तीन-चार महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें ट्रैफिक सर्कुलेशन, रोशनी की उचित व्यवस्था, बिजली की आपूर्ति और सुगम निकास बिंदु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पंडालों के भीतर अत्यधिक भीड़ न जुटे, इसके लिए पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर्स तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कुछ स्थानों पर अतिरिक्त लाइट लगाने और निकास मार्गों पर लगी दुकानों को हटवाकर रास्ता पूरी तरह से साफ रखने का आदेश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तुरंत और सुरक्षित निकाला जा सके।
निरीक्षण के दौरान पुलिस का मानवीय और संवेदनशील रूप भी देखने को मिला। बच्चों के आग्रह पर एसपी ने मुस्कुराते हुए उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। वहीं सड़क पर बाइक पर बिना हेलमेट के जा रहे एक बच्चे को देखकर उन्होंने परिवार को रोका और बच्चे की सुरक्षा के प्रति सचेत करते हुए तुरंत हेलमेट खरीदकर पहनाने की हिदायत दी।
दुर्घटना होने से पहले ही सतर्कता बरतते हुए अधिकारियों द्वारा रात में किए गए इस औचक निरीक्षण की स्थानीय नागरिकों और पूजा कमेटियों ने भरपूर सराहना की है।





